उत्तर प्रदेश में अब झूठा मुकदमा दर्ज कराने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। डीजीपी राजीव कृष्ण ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अगर एफआईआर में दर्ज तथ्य गलत पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। डीजीपी ने साफ कहा कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हर शिकायत की गंभीरता से जांच कर सही तथ्यों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सख्ती
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, Allahabad High Court ने 14 जनवरी को निर्देश दिया था कि जांच के दौरान यदि गलत जानकारी देने का मामला सामने आता है, तो ऐसे मामलों की सूची तैयार कर संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही, बयान ऑडियो और वीडियो माध्यम से दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
झूठे आरोपों पर कोर्ट की टिप्पणी
हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि कई मामलों में शिकायतकर्ता द्वारा बढ़ा-चढ़ाकर आरोप लगाए जाते हैं, लेकिन जांच के बाद सच्चाई कुछ और ही सामने आती है। ऐसे मामलों पर नियंत्रण जरूरी है।
गोतस्करी के खिलाफ अभियान जारी
डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि प्रदेश में गोतस्करी रोकने के लिए पुलिस का अभियान लगातार जारी है। संगठित गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उनके नेटवर्क को तोड़ा जा रहा है।
जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के अनुसार गोरक्षा और गोतस्करी के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जा रही है। अपराधियों के पूरे नेटवर्क को खत्म करने और पशु तस्करी पर पूर्ण रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।