नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 27 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश के मुख्यमंत्रियों से बातचीत करेंगे। बैठक में ईरान जंग के बाद बने हालात, ऊर्जा आपूर्ति और संभावित आर्थिक असर पर चर्चा होने की संभावना है। विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस बातचीत में उन 5 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल नहीं होंगे, जहां विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं।
हाई लेवल मीटिंग और संसद में चेतावनी
प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले 22 मार्च को अपने आवास पर ईरान जंग को लेकर हाई लेवल मीटिंग कर चुके हैं। वहीं 24 मार्च को राज्यसभा में उन्होंने कहा था कि अगर जंग जारी रही तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने आगाह किया कि आने वाला समय कोरोनाकाल जैसी बड़ी परीक्षा हो सकता है और इससे निपटने के लिए केंद्र व राज्यों को मिलकर “टीम इंडिया” की तरह काम करना होगा।
पेट्रोल-डीजल और गैस पर सरकार का भरोसा
सरकार ने देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की कमी की खबरों को सिरे से खारिज किया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक भारत के पास लगभग 60 दिनों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर चल रही किल्लत की खबरों को अफवाह और ‘पैनिक बाइंग’ कराने वाला प्रोपेगैंडा बताया है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
सर्वदलीय बैठक में जयशंकर का सख्त संदेश-
25 मार्च को हुई सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री ने साफ कहा कि भारत पाकिस्तान की तरह “दलाल देश” नहीं है और किसी के लिए मध्यस्थता नहीं करता। यह बैठक रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में करीब दो घंटे चली, जिसमें मिडिल ईस्ट के हालात पर विस्तार से चर्चा हुई।
LPG संकट पर सरकार के हालिया फैसले-
- 6 मार्च: घरेलू सिलेंडर की दो बुकिंग के बीच 21 दिन का लॉक-इन पीरियड
- 9 मार्च: शहरों में लॉक-इन बढ़ाकर 25 दिन
- 12 मार्च: ग्रामीण इलाकों में बुकिंग गैप 45 दिन
- 14 मार्च: PNG कनेक्शन वालों के लिए LPG सिलेंडर रखना गैर-कानूनी, सिलेंडर सरेंडर अनिवार्य
होर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरा-
ईरान जंग के 27वें दिन हालात और तनावपूर्ण हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल-गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 50% कच्चा तेल और 54% LNG इसी रास्ते से आयात करता है। वैश्विक पेट्रोलियम सप्लाई का करीब 20% हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है, जो फिलहाल असुरक्षित माना जा रहा है। ईरान जंग के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार राज्यों के साथ समन्वय मजबूत करने में जुटी है। प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्रियों से होने वाली बातचीत को आने वाले दिनों की रणनीति तय करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।