कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एक और FIR दर्ज की गई है। मामला उनके उस बयान से जुड़ा है, जब उन्होंने 21 जुलाई को शहीद दिवस पर कहा था कि यदि वर्ष 2031 में सरकार बदलेगी तो राज्य में भारतीय जनता पार्टी का कोई भी कार्यालय नहीं बचेगा। इस बयान को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू की है।
हिंसा को बढ़ावा देने वाला बयान
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अभिषेक बनर्जी का बयान राजनीतिक तनाव और हिंसा को बढ़ावा देने वाला है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पहले से ही कई FIR
इस बीच, अभिषेक बनर्जी पहले से ही कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं, जिसमें से सबसे जदा सुर्खिया बटोर रही है उनकी DJ वाली बयान की, हाल ही में कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक अन्य मामले में उन्हें अंतरिम राहत देने से भी इनकार किया था और उन्हें आंख के उपचार के लिए विदेश जाने की भी अनुमति नहीं दी, जिससे उनकी कानूनी चुनौतियां और बढ़ गई हैं।
FIR से पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल
भाजपा ने इस FIR को कानून के मुताबिक की गई कार्रवाई बताया है, जबकि TMC का कहना है कि विपक्षी नेताओं को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है। मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सियासी माहौल गर्म हो गया है।