सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में नेपाल जाने की कोशिश कर रहे अफगानिस्तान के एक युवक को पानीटंकी इमिग्रेशन विभाग ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, युवक के पास से कई भारतीय पहचान और बैंकिंग दस्तावेज बरामद हुए हैं। मामले में उसके एक भारतीय दोस्त को भी गिरफ्तार किया गया है।
आधार से ड्राइविंग लाइसेंस तक मिले दस्तावेज
गिरफ्तार अफगानिस्तानी युवक की पहचान अब्दुल्ला खान के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसके पास से भारतीय आधार कार्ड, वोटर कार्ड, बैंक अकाउंट से जुड़े दस्तावेज और ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किया गया है। पुलिस अब इन दस्तावेजों की जांच कर रही है कि इन्हें किस तरीके से तैयार कराया गया था।
लंबे समय से भारत में रहने का दावा
पुलिस के अनुसार, अब्दुल्ला खान लंबे समय से भारत में रह रहा था। आरोप है कि उसने पैसे देकर फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार करवाए थे। उसके खिलाफ फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) की ओर से पहले ही लुकआउट सर्कुलर नोटिस जारी किया गया था।
हावड़ा के शिवपुर में रहता था आरोपी
जांच में सामने आया है कि अब्दुल्ला खान हावड़ा के शिवपुर इलाके में रह रहा था। उसके साथ उसका भारतीय दोस्त शंकर बनिक भी रहता था। शंकर बनिक मूल रूप से विधाननगर के दत्ताबाद इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस ने मामले में उसकी भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है।
नेपाल जाने से पहले इमिग्रेशन विभाग ने रोका
पुलिस के मुताबिक, अब्दुल्ला खान नेपाल जाने के उद्देश्य से पानीटंकी इमिग्रेशन कार्यालय पहुंचा था। इसी दौरान जांच के दौरान उसे रोक लिया गया। पूछताछ और तलाशी के बाद उसके पास मौजूद भारतीय दस्तावेज सामने आए, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।
भारतीय दोस्त भी गिरफ्तार
मामले में अब्दुल्ला खान के साथ उसके भारतीय दोस्त शंकर बनिक को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों के बीच किस तरह का संपर्क था और फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार कराने में शंकर की क्या भूमिका रही।
कई धाराओं में मामला दर्ज, जांच जारी
दोनों आरोपियों के खिलाफ कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सोमवार को दोनों को सिलीगुड़ी अदालत में पेश किया गया। खड़िबाड़ी थाने की पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने वाले नेटवर्क के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
सीमा सुरक्षा के लिहाज से भी अहम मामला
अफगानिस्तानी नागरिक के पास भारतीय पहचान से जुड़े कई दस्तावेज मिलने के बाद यह मामला सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच में अब यह पता लगाने की कोशिश होगी कि आरोपी ने भारत में इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कहां-कहां किया और नेपाल जाने की उसकी वास्तविक वजह क्या थी।