कोलकाता. अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में आयोजित जनसभा में राज्य की सियासत को लेकर तीखे तेवर अपनाए। उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार चुनाव में भय और हिंसा का जवाब मतदाता अपने वोट से देंगे। उनके अनुसार यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन का भी संकेत है।
भय के खिलाफ भरोसे की अपील
सभा में उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बंगाल की जनता अब बम और बारूद की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे निर्भीक होकर मतदान करें और भय का जवाब भरोसे से दें। उनका दावा था कि आगामी चुनाव के बाद राज्य में एक नई राजनीतिक दिशा देखने को मिलेगी।
ममता सरकार पर भ्रष्टाचार और सिंडिकेट का आरोप
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सिंडिकेट और माफिया तंत्र हावी हो गया है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था आम जनता के अधिकारों का हनन कर रही है और इसे समाप्त करना आवश्यक है। उनके अनुसार, एक मजबूत प्रशासन ही इस समस्या का समाधान कर सकता है।
विकास के नए दौर का दावा
गृह मंत्री ने कहा कि चुनाव परिणामों के बाद राज्य में विकास की नई शुरुआत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान स्थिति में भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी ने राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाया है, जिसे बदलने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, बेहतर कानून व्यवस्था और पारदर्शी शासन से ही यह संभव होगा।
हिंसा और मतदान पर कड़ी चेतावनी
चुनाव के दौरान हिंसा की आशंका को लेकर उन्होंने कड़ा रुख अपनाया और चेतावनी दी कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे बिना डर के अपने मताधिकार का प्रयोग करें और लोकतंत्र को मजबूत बनाएं।
घुसपैठ और सीमा सुरक्षा का मुद्दा
उन्होंने सीमा सुरक्षा और घुसपैठ को भी प्रमुख मुद्दा बताया। उनका कहना था कि राज्य में अवैध घुसपैठ एक गंभीर चुनौती बन चुकी है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभावित होती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस समस्या से निपटने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
महिला सुरक्षा पर उठाए सवाल
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरा और कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने दावा किया कि बेहतर कानून व्यवस्था से महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा सकता है।
राजनीतिक माहौल में बढ़ी गरमाहट
इस जनसभा के बाद राज्य की राजनीति में और अधिक गर्माहट देखने को मिल रही है। विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि आगामी चुनाव में मुकाबला बेहद रोचक और निर्णायक होने वाला है।