बारुईपुर: पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में मंगलवार सुबह तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। तृणमूल नेता ऋतब्रत बंद्योपाध्याय के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल बारुईपुर की पीड़िता के घर पहुंचा था। जैसे ही प्रतिनिधिमंडल मौके पर पहुंचा, वहां मौजूद लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने नेताओं के खिलाफ ‘गद्दार’, ‘बेईमान’ और ‘बालिश चाटने वाला’ जैसे नारे लगाए। विरोध के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप किया और सुरक्षा घेरा बनाकर तृणमूल नेताओं को वहां से बाहर निकाला।
पीड़ित परिवार से की मुलाकात, जाना हालचाल
विरोध के बावजूद तृणमूल प्रतिनिधिमंडल पीड़िता के घर पहुंचा और परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। नेताओं ने परिवार से बातचीत कर घटना की जानकारी ली और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया। ऋतब्रत बंद्योपाध्याय के साथ राज्य की पूर्व मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य भी मौजूद थीं। प्रतिनिधिमंडल ने परिवार की चिंताओं को सुना और मामले को लेकर पार्टी का पक्ष रखा।
काकली घोष दस्तीदार और सायनी घोष भी पहुंचीं
पीड़िता के घर पहुंचने वाले नेताओं में तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकली घोष दस्तीदार और अभिनेत्री से नेता बनीं सायनी घोष भी शामिल थीं। दोनों नेताओं ने परिवार से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली।
घटना को लेकर बढ़ा राजनीतिक तनाव
बारुईपुर की घटना को लेकर पहले से ही राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। विपक्षी दलों की ओर से राज्य सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं तृणमूल कांग्रेस लगातार पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने का दावा कर रही है। मामले को लेकर इलाके में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और नेताओं के दौरे के दौरान विरोध-प्रदर्शन भी देखने को मिल रहे हैं।