कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचंड जनसमर्थन हासिल कर सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी (BJP) अब अपनी जीत की इस रफ्तार को थमने नहीं देना चाहती। राज्य में सरकार बनाने के बाद भगवा खेमे ने संगठनात्मक स्तर पर आम जनता के बीच अपनी पैठ और गहरी करने की योजना बनाई है। आगामी समय में होने वाले राज्य के 121 नगर पालिकाओं (Municipalities) और 7 नगर निगमों (Municipal Corporations) के चुनावों को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व ने बंगाल भाजपा के चार सबसे मजबूत स्तंभों—मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार और राज्य के मंत्री दिलीप घोष को आगे रखकर बढ़ने का फैसला किया है।
जमीनी स्तर पर जनता का आभार जताएगी भाजपा
ऐतिहासिक जीत के बाद भाजपा ने राज्य के कोने-कोने में जाकर आम जनता को धन्यवाद देने के लिए 'अभिनंदन कार्यक्रम' आयोजित करने की योजना बनाई है। इन सभी जिला स्तरीय कार्यक्रमों का नेतृत्व यही चारों प्रमुख नेता करेंगे।
इसके साथ ही, फल्टा विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर दो दिन पहले ही साल्टलेक स्थित पार्टी कार्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें खुद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मौजूद रहे। पार्टी का मुख्य लक्ष्य फल्टा में अपनी जीत के सिलसिले को बरकरार रखते हुए सदन में विधायकों की संख्या को और बढ़ाना है।
भवानीपुर से जीते शुभेंदु, नंदीग्राम में फिर होगा उपचुनाव
रणनीतिक मोर्चे पर एक बड़ा घटनाक्रम यह है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर विधानसभा सीट से विधायक पद की शपथ ली है। इस वजह से उनकी दूसरी जीती हुई सीट नंदीग्राम अब खाली हो गई है, जहां फिर से उपचुनाव होने जा रहा है। विधानसभा चुनाव के दौरान भवानीपुर में ममता बनर्जी जैसी कद्दावर नेता को मात देकर 'जायंट किलर' बने शुभेंदु अधिकारी और पूरी भाजपा टीम को पूरा भरोसा है कि नंदीग्राम में एक बार फिर से 'कमल' खिलेगा।
दिल्ली को बंगाल की इस 'चार मूर्ति' पर अटूट भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित दिल्ली का शीर्ष नेतृत्व बंगाल के इन चार नेताओं की कार्यशैली पर पूरा भरोसा करता है:
शुभेंदु अधिकारी (मुख्यमंत्री): चुनाव प्रचार के दौरान उत्तर से लेकर दक्षिण बंगाल तक तूफानी दौरा करने वाले शुभेंदु आज पूरे राज्य के सबसे लोकप्रिय नेता बन चुके हैं। उन्होंने हर मोड़ पर पार्टी कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया।
शमीक भट्टाचार्य (प्रदेश अध्यक्ष):** शमीक भट्टाचार्य को बंगाल भाजपा के इतिहास के सबसे सफल अध्यक्षों में गिना जा रहा है। उनके कमान संभालते ही भाजपा ने बंगाल जीता। उन्होंने पुराने और नए कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बिठाकर पूरी पार्टी को एकजुट किया और भाजपा को बंगाली संस्कृति व जनमानस के करीब लाए।
सुकांत मजूमदार (केंद्रीय मंत्री): संगठन विस्तार के लिए सुकांत मजूमदार ने लगातार जिलों का दौरा किया और जमीनी स्तर पर रैलियां कर कार्यकर्ताओं में जोश भरा। वह पार्टी के भीतर हर वर्ग के लिए स्वीकार्य नेता हैं।
dilip घोष (राज्य मंत्री): भाजपा के सबसे लोकप्रिय और जुझारू नेताओं में से एक दिलीप घोष पहले चरण के मतदान तक अपनी खड़गपुर सीट पर व्यस्त थे, लेकिन उसके बाद उन्होंने पूरे राज्य में घूम-घूम कर पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में धुआंधार प्रचार किया।
आगामी निकाय चुनावों को देखते हुए दिल्ली का स्पष्ट संदेश है कि संगठन को और अधिक अनुशासित और मजबूत बनाने के लिए इन्हीं चारों चेहरों को आगे रखकर रणनीति बनाई जाएगी।