कोलकाता/नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई केंद्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। सोमवार को सामने आई इस नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पश्चिम बंगाल से दो नेताओं को जगह देकर बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया गया है। पार्टी ने पर्दे के पीछे से काम कर रहीं प्रसिद्ध कैंसर विशेषज्ञ डॉ. मधुछंदा कर को सीधे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद की कमान सौंपी है। इसके अलावा, उत्तर बंगाल के चाय बागान क्षेत्र के प्रमुख आदिवासी चेहरे और अलीपुरद्वार से सांसद मनोज तिग्गा को भी केंद्रीय संगठन में शामिल किया गया है।
पर्दे के पीछे से सीधा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद तक: कौन हैं डॉ. मधुछंदा कर?
कोलकाता के प्रतिष्ठित ऑन्कोलॉजिस्ट (कैंसर विशेषज्ञ) के रूप में जानी जाने वाली डॉ. मधुछंदा कर का मेडिकल करियर बेहद शानदार रहा है। उच्च शिक्षा में कई फेलोशिप और डॉक्टरेट की डिग्रियां हासिल करने के बाद वे वर्तमान में कोलकाता में ईएम बायपास के पास स्थित एक नामी निजी अस्पताल से जुड़ी हुई हैं। चिकित्सा के साथ-साथ राजनीति और जनसेवा में सक्रिय डॉ. कर अब तक पश्चिम बंगाल बीजेपी के डॉक्टर सेल (चिकित्सक प्रकोष्ठ) की प्रदेश अध्यक्ष के रूप में सेवाएं दे रही थीं। बेहाला पश्चिम के विधायक व युवा मोर्चा नेता इंद्रनील खां की सहयोगी रहीं डॉ. कर को अब सीधा केंद्रीय टीम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।

संगठन के मंझे हुए खिलाड़ी मनोज तिग्गा को भी मिली केंद्रीय जिम्मेदारी
'टीम नवीन' में बंगाल से दूसरा बड़ा चेहरा अलीपुरद्वार के सांसद मनोज तिग्गा का है। 2024 के लोकसभा चुनाव में अलीपुरद्वार सीट से जीत दर्ज करने वाले मनोज तिग्गा हमेशा से ही चाय बागान क्षेत्र की राजनीति में संगठन के बेहद करीब माने जाते रहे हैं। उनकी संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उन्हें अपनी नई टीम में केंद्रीय पदाधिकारी के रूप में पदोन्नत किया है।
पेशेवर और राजनीतिक प्रतिबद्धता का संतुलन
डॉ. मधुछंदा कर को राज्य स्तरीय डॉक्टर सेल से सीधे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद मिलना बंगाल बीजेपी के इतिहास में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। हालांकि, इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद वे अपने चिकित्सा पेशे और राजनीति के बीच संतुलन कैसे बनाएंगी, इस पर फिलहाल उनकी प्रतिक्रिया आनी बाकी है।