कूचबिहार: पश्चिम बंगाल में चुनाव के बीच हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। कूचबिहार जिले के माथाभांगा इलाके में रविवार शाम तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस घटना में बीजेपी की महिला प्रत्याशी की गाड़ी में तोड़फोड़ की गई, जबकि संघर्ष में टीएमसी के एक पार्षद सहित कई लोग घायल हुए हैं।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विवाद रविवार शाम तब शुरू हुआ जब माथाभांगा के वार्ड नंबर 5 में बीजेपी प्रत्याशी निशीथ प्रामाणिक चुनाव प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। झड़प में टीएमसी के एक स्थानीय पार्षद को चोटें आईं, जिसके बाद तृणमूल समर्थकों ने सड़क पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
महिला प्रत्याशी की गाड़ी पर हमला
तनाव के बीच, जब सीतलकुची से बीजेपी प्रत्याशी साबित्री बर्मन अपनी गाड़ी से माथाभांगा थाने के सामने से गुजर रही थीं, तब आरोप है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी और एक अन्य वाहन पर हमला कर तोड़फोड़ की। सावित्री बर्मन ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में ही उनकी गाड़ी को निशाना बनाया गया।
निशीथ प्रामाणिक की 'हुंकार'
पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निशीथ प्रामाणिक ने घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "हमने प्रचार के लिए सात दिन पहले अनुमति ली थी। पुलिस द्वारा तय रूट पर चलते समय टीएमसी कार्यकर्ताओं ने गालियां दीं और पत्थरबाजी की। अगर वे पत्थर मारेंगे तो हम फूल नहीं बरसाएंगे।" उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर फिर से ऐसी 'बदमाशी' हुई, तो परिणाम वे सोच भी नहीं सकते।
टीएमसी का पलटवार
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी पर क्षेत्र में अशांति फैलाने का आरोप लगाया है। स्थानीय टीएमसी नेतृत्व का दावा है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पहले उकसाया, जिसका कार्यकर्ताओं ने केवल विरोध किया। हालांकि, जिले के वरिष्ठ टीएमसी नेताओं ने इस मामले पर फिलहाल फोन कॉल का जवाब नहीं दिया है। फिलहाल स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है।