हुगली (पश्चिम बंगाल): आईपीएल और बंगाल रणजी टीम के बाएं हाथ के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। 3 दिनों की पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद शुक्रवार को मगरा थाना पुलिस ने उन्हें हुगली जिले की चुंचुड़ा अदालत में पेश किया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अभिषेक की जमानत याचिका को दूसरी बार खारिज कर दिया और उन्हें 14 दिनों की जेल (न्यायिक) हिरासत में भेजने का निर्देश जारी किया।
कर्नाटक की मेडिकल छात्रा ने लगाए हैं गंभीर आरोप
यह पूरा मामला कर्नाटक की एक मेडिकल छात्रा की शिकायत से जुड़ा हुआ है, जिसने बीते 23 जून को मगरा थाने में क्रिकेटर के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। पीड़िता के अनुसार, दोनों के बीच करीब साढ़े तीन साल से संबंध थे और उन्होंने शादी करने का फैसला किया था। हालांकि, पिछले डेढ़ साल से उनके रिश्तों में कड़वाहट आ गई। आरोप है कि शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के बाद आरोपी ने आपत्तिजनक तस्वीरें दिखाकर पीड़िता को ब्लैकमेल किया और उसका यौन उत्पीड़न किया।
कलकत्ता हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद हुई थी गिरफ्तारी
पुलिस द्वारा शुरुआती समय में कार्रवाई न करने पर पीड़िता ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस की निष्क्रियता पर कड़ा रुख अपनाया और तत्काल आरोपी को गिरफ्तार करने तथा उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त करने का आदेश दिया था। अदालत के सख्त रुख के बाद मगरा थाना पुलिस ने बीते मंगलवार को क्रिकेटर को गिरफ्तार किया था।
19 धाराओं के तहत दर्ज है मामला
पुलिस ने पीड़ित छात्रा की शिकायत के आधार पर क्रिकेटर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की 19 धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिनमें से अधिकांश धाराएं गैर-जमानती हैं। यद्यपि अभिषेक पोरेल ने प्राथमिक प्रतिक्रिया में खुद पर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद और निराधार बताया था, लेकिन कोर्ट के इस फैसले के बाद फिलहाल उनका नया ठिकाना जेल परिसर होगा।