खड़गपुर: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों नगर निकाय चुनाव, एसआईआर प्रक्रिया, कथित भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर सियासी हलचल तेज है। इसी बीच खड़गपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भाजपा नेता दिलीप घोष से कई अहम राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर सवाल पूछे गए। ममता बनर्जी को चुनावी चुनौती देने से लेकर पूजा पास मामले की जांच, मेटियाब्रुज में सामूहिक दुष्कर्म के आरोप और भाजपा विधायक पर कथित हमले तक, कई मुद्दे चर्चा में रहे। वहीं, राहुल गांधी के पोस्टर और स्वास्थ्य साथी योजना में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों ने भी राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।
ममता बनर्जी को फिर से चुनाव लड़ने की चुनौती, सुवेंदु अधिकारी ने दी कड़ी चेतावनी
पश्चिम बंगाल में आगामी नगर निकाय चुनाव को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। सुकांत मजूमदार के बाद अब विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दोबारा चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। उन्होंने ममता बनर्जी को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि नगर निकाय चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त करवाना उनका लक्ष्य है। सुवेंदु अधिकारी ने इस संबंध में कड़ी चेतावनी भी दी है। उनके इस बयान को आगामी चुनाव से पहले भाजपा की आक्रामक राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस की चुनावी स्थिति और नगर निकायों में उसकी पकड़ को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अब देखना होगा कि चुनाव नजदीक आने के साथ दोनों दलों के बीच यह सियासी टकराव किस दिशा में आगे बढ़ता है।
पूजा पास भ्रष्टाचार मामले में इंद्रनील सेन की बेटी एवेरी सेन जांच के घेरे में
दुर्गा पूजा के दौरान जारी किए जाने वाले पूजा पास से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में जांच का दायरा बढ़ता नजर आ रहा है। इस मामले में अब पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन की बेटी एवेरी सेन का नाम भी सामने आया है। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या कथित भ्रष्टाचार से हासिल की गई रकम पूर्व मंत्री की बेटी के बैंक खाते में जमा कराई गई थी। इसी सिलसिले में सोमवार को एवेरी सेन को पूछताछ के लिए कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार बुलाया गया था। हालांकि, वह निर्धारित समय पर पूछताछ के लिए नहीं पहुंचीं। इसके बाद उन्हें मंगलवार को एक बार फिर लालबाजार में पेश होने के लिए तलब किया गया है। जांचकर्ताओं की नजर अब संबंधित बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन पर है। हालांकि, इस मामले में एवेरी सेन की भूमिका को लेकर अभी जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि होना बाकी है।
मेटियाब्रुज में सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, सात लोगों के नाम शिकायत में शामिल
कोलकाता के मेटियाब्रुज इलाके में सामूहिक दुष्कर्म की कथित घटना सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। इस मामले में 'मुख्तार ग्रुप' के सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में कुल सात लोगों के नाम शामिल होने की बात सामने आई है। घटना के बाद इलाके में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। आरोपों के बीच एक कथित प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका को लेकर भी चर्चा हो रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पुलिस इस मामले में नामजद सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी? क्या कथित प्रभावशाली व्यक्ति तक भी जांच की आंच पहुंचेगी? फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
डेबरा में भाजपा विधायक शुभाशीष ओम पर अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं के हमले का आरोप
पश्चिम मेदिनीपुर जिले के डेबरा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के अंदरूनी विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। यहां भाजपा विधायक शुभाशीष ओम पर अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा हमला किए जाने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि पार्टी के भीतर कथित वसूली को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद को सुलझाने के लिए विधायक मौके पर पहुंचे थे, लेकिन बातचीत के दौरान ही स्थिति बिगड़ गई और उन पर हमला कर दिया गया। घटना में घायल विधायक को इलाज के लिए डेबरा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी अस्पताल में भाजपा के कुछ अन्य कार्यकर्ताओं का भी इलाज चल रहा है। इस घटना ने पार्टी के भीतर अनुशासन और आपसी तालमेल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, हमले की पूरी परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
एसआईआर प्रक्रिया को रोकने के लिए राहुल गांधी फैला रहे गलत जानकारी: अमित शाह
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) को लेकर देश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर इस प्रक्रिया को बाधित करने के लिए गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है। अमित शाह का कहना है कि 'इंडिया' गठबंधन मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि घुसपैठियों को बचाने के उद्देश्य से विरोध प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से तीन करोड़ घुसपैठियों के नाम हटाए जाने से राहुल गांधी नाराज हैं। गृह मंत्री ने विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि एसआईआर का विरोध करने के पीछे राजनीतिक कारण हैं। इस मुद्दे को लेकर भाजपा और विपक्षी दलों के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। हालांकि, अमित शाह द्वारा किए गए दावों और हटाए गए नामों के आंकड़ों को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।
भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और परिवारवाद पर विपक्ष को घेरा, एसआईआर को लेकर भी उठाए सवाल
पश्चिम बंगाल की राजनीति में भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और परिवारवाद के मुद्दे पर भी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि वे इन तीनों मुद्दों से जुड़े अपने हितों को बचाने के लिए एकजुट हुए हैं। उन्होंने 'इंडिया' गठबंधन पर हमला बोलते हुए एसआईआर प्रक्रिया का समर्थन किया और इसे घुसपैठियों को बाहर निकालने की प्रक्रिया बताया। मुख्यमंत्री के इस बयान को विपक्ष की एकजुटता और एसआईआर के विरोध के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, सुवेंदु अधिकारी ने जमात और वैचारिक रूप से नक्सलपंथी तत्वों के प्रभाव को खत्म करने की अपील की है। इन बयानों से साफ है कि राज्य में आने वाले समय में राजनीतिक और वैचारिक मुद्दों पर टकराव और तेज हो सकता है। भाजपा और विपक्ष के बीच इन मुद्दों को लेकर लगातार आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
खड़गपुर नगर निकाय चुनाव पर दिलीप घोष से सवाल, प्रदीप सरकार की मुलाकात भी चर्चा में
खड़गपुर नगर निकाय चुनाव को लेकर भी पत्रकारों ने दिलीप घोष से कई सवाल किए। उनसे पूछा गया कि एक दिन पहले प्रदीप सरकार ने उनसे मुलाकात कर खड़गपुर नगर निकाय चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने का अनुरोध किया था। इस मुलाकात को लेकर दिलीप घोष का क्या रुख है, यह जानने की कोशिश की गई। इसके साथ ही उनसे यह भी सवाल किया गया कि क्या ऋतब्रत के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस एक बार फिर नगर निकाय बोर्ड की सत्ता में वापसी करने जा रही है। खड़गपुर नगर निकाय चुनाव स्थानीय राजनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में चुनाव के दौरान शांति और निष्पक्षता बनाए रखना प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती होगी। वहीं, भाजपा और तृणमूल कांग्रेस दोनों की नजर नगर निकाय बोर्ड पर अपनी पकड़ मजबूत करने पर है। चुनाव से पहले नेताओं के बीच मुलाकात और बयानबाजी ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है।
साल्टलेक में राहुल गांधी की सोते हुए तस्वीर वाले पोस्टर, रातोंरात लगाए जाने का दावा
कोलकाता के साल्टलेक इलाके में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सोते हुए तस्वीर वाले पोस्टर लगाए जाने का मामला चर्चा में है। करुणामयी बस टर्मिनस और करुणामयी क्रॉसिंग समेत कई प्रमुख स्थानों पर ऐसे पोस्टर दिखाई दिए हैं। इन पोस्टरों के जरिए सवाल उठाया गया है कि क्या किसी राष्ट्रीय स्तर के नेता का इस तरह का व्यवहार उचित है? स्थानीय निवासियों का दावा है कि सोमवार शाम तक इन इलाकों में ऐसे कोई पोस्टर दिखाई नहीं दिए थे। उनके मुताबिक, रात के अंधेरे में अलग-अलग जगहों पर अचानक ये पोस्टर लगा दिए गए। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन पोस्टरों को किसने लगाया और इसके पीछे किसका हाथ है। गौरतलब है कि सोमवार को कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में एक बड़ी रैली निकाली गई थी। भाजपा ने इस रैली को 'इंडिया' गठबंधन के कथित दुष्प्रचार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन बताया था। हालांकि, रैली के दौरान इस तरह के पोस्टर दिखाई नहीं दिए। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर रातोंरात साल्टलेक में राहुल गांधी की तस्वीर वाले पोस्टर किसने लगाए?
स्वास्थ्य साथी योजना में हजारों करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप, स्वास्थ्य मंत्री ने उठाए सवाल
पश्चिम बंगाल सरकार की स्वास्थ्य साथी स्वास्थ्य बीमा योजना एक बार फिर विवादों में आ गई है। इस योजना में हजारों करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार और बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। जानकारी के मुताबिक, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री को इस संबंध में कई गुमनाम पत्र मिले हैं। इन पत्रों को भेजने वालों ने खुद को अलग-अलग नर्सिंग होम का मालिक बताया है, लेकिन अपनी पहचान और नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। पत्रों में योजना के तहत कथित गड़बड़ियों का विस्तार से उल्लेख किए जाने की बात सामने आई है। इनमें कुछ डॉक्टरों के नाम, फोन नंबर और अन्य संबंधित जानकारियां भी शामिल बताई जा रही हैं। आरोप लगाने वालों ने स्वास्थ्य साथी योजना के क्रियान्वयन और उससे जुड़े लेनदेन में अनियमितताओं की ओर इशारा किया है। खास बात यह है कि इन शिकायतों का खुलासा खुद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने किया है। अब देखना होगा कि इन गुमनाम शिकायतों के आधार पर सरकार और संबंधित विभाग किस तरह की जांच शुरू करते हैं तथा कथित अनियमितताओं की सच्चाई क्या सामने आती है।
आगे क्या?
खड़गपुर में दिलीप घोष के सामने उठे इन सवालों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति के कई अहम मुद्दों को फिर से चर्चा में ला दिया है। एक तरफ नगर निकाय चुनाव को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच मुकाबले के संकेत मिल रहे हैं, तो दूसरी तरफ एसआईआर, पूजा पास मामला और स्वास्थ्य साथी योजना से जुड़े आरोप राजनीतिक बहस को और तेज कर रहे हैं। वहीं, मेटियाब्रुज की कथित घटना और डेबरा में भाजपा विधायक पर हमले का मामला कानून-व्यवस्था और राजनीतिक दलों के अंदरूनी हालात पर भी सवाल खड़े करता है। अब इन सभी मामलों में जांच और संबंधित पक्षों के जवाब पर सबकी नजर रहेगी।