कोलकाता: दिवाली के त्योहार पर पटाखों की खरीदारी करने वालों के लिए इस बार विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। अवैध और सामान्य पटाखों को ग्रीन क्रैकर्स के नाम पर बेचने की शिकायतों के बीच, प्रमाणित पटाखों की पहचान के लिए QR कोड की व्यवस्था की गई है। हालांकि, QR कोड के दुरुपयोग की खबरों ने इसकी विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में खरीदारों को पटाखे खरीदने से पहले उनकी प्रमाणिकता जांचने की सलाह दी गई है।
QR कोड स्कैन करने पर मिलेगी जरूरी जानकारी
प्रमाणित ग्रीन पटाखों के पैकेट पर मौजूद QR कोड स्कैन करने से निर्माता, संबंधित प्रमाणन और उत्पाद की जानकारी मिल सकती है। इसके जरिए ग्राहक यह पता लगा सकते हैं कि पटाखा अधिकृत निर्माता का है या नहीं। हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक, कुछ मामलों में QR कोड की नकल कर उसका गलत इस्तेमाल भी किया गया है।
NEERI और PESO से प्रमाणित होना जरूरी
पटाखों की वैधता सुनिश्चित करने के लिए CSIR-NEERI (राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान) और PESO (पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन) से संबंधित प्रमाणन और लाइसेंस महत्वपूर्ण हैं। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से पटाखे खरीदें और पैकेट पर निर्माता का नाम तथा प्रमाणन संबंधी जानकारी जरूर जांचें।
अवैध पटाखों की बिक्री पर प्रशासन की नजर
त्योहार के दौरान प्रदूषण पर नियंत्रण रखने के लिए प्रशासन और पुलिस की ओर से निगरानी की जा रही है। प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में उपभोक्ताओं से भी नियमों का पालन करने और संदिग्ध उत्पादों की खरीद से बचने की अपील की गई है।
ग्रीन पटाखे भी पूरी तरह प्रदूषण मुक्त नहीं
ग्रीन पटाखों को पारंपरिक पटाखों की तुलना में कम प्रदूषण फैलाने के उद्देश्य से तैयार किया जाता है। हालांकि, इनके इस्तेमाल से भी वायु प्रदूषण होता है। इसलिए त्योहार के दौरान निर्धारित समय और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।
दिवाली पर पटाखे खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
- केवल अधिकृत दुकानों से पटाखे खरीदें।
- पैकेट पर निर्माता और प्रमाणन संबंधी विवरण जांचें।
- QR कोड को स्कैन कर उसकी जानकारी सत्यापित करें।
- खरीदारी के दौरान बिल जरूर लें।
- प्रतिबंधित और बिना प्रमाणित पटाखों से दूरी बनाए रखें।
- पटाखे जलाने के लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित समय का पालन करें।
दिवाली की खुशियां मनाते समय पर्यावरण और लोगों की सेहत का ध्यान रखना भी हर नागरिक की जिम्मेदारी है।