दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान पूरे पश्चिम बंगाल में निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए साल्ट लेक स्थित 'विद्युत भवन' में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता राज्य की विद्युत राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार/राज्य मंत्री) गार्गी दास घोष ने की। बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मंत्री ने बताया कि आगामी दुर्गा पूजा के दौरान महालया से लेकर लक्ष्मी पूजा तक राज्य भर में बिजली सेवा को पूरी तरह दुरुस्त रखा जाएगा ताकि श्रद्धालुओं और पूजा आयोजकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
शीर्ष अधिकारियों और पावर कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण पूर्व-पूजा समीक्षा बैठक में राज्य के बिजली विभाग और बिजली आपूर्ति कंपनियों के शीर्ष अधिकारी शामिल रहे। बैठक में पश्चिम बंगाल विद्युत विकास निगम लिमिटेड (WBPDCL) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) पी.बी. सलीम (IAS), पश्चिम बंगाल सरकार के बिजली विभाग के प्रधान सचिव शांतनु बसु (IAS) तथा आरपीएसजी ग्रुप की बिजली कंपनी सीईएससी (CESC) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक विनीत सिक्का उपस्थित थे। अधिकारियों ने उत्पादन, वितरण और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की।
पूजा पंडालों के लिए मुफ्त बिजली और मांग का आकलन
मंत्री गार्गी दास घोष ने घोषणा की कि सरकार ने पूजा कमेटियों को बिना किसी शुल्क के बिजली सेवा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष राज्य में अस्थायी बिजली कनेक्शन लेने वाली दुर्गा पूजा कमेटियों की संख्या बढ़कर 60,000 हो गई है, जो पिछले वर्ष 57,000 थी। सरकार ने सभी क्लबों और कमेटियों से उनकी बिजली आवश्यकता की जानकारी मांगी है ताकि उसी अनुरूप निर्बाध आपूर्ति की व्यवस्था की जा सके।
3500 मोबाइल वैन और कंट्रोल रूम की 24 घंटे तैनाती
महोत्सव के दौरान किसी भी तकनीकी गड़बड़ी या आपात स्थिति से निपटने के लिए पश्चिम बंगाल राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (WBSEDCL) द्वारा 3,500 मोबाइल वैन तैनात की जाएंगी। पंडालों या किसी भी क्षेत्र में कोई अप्रिय घटना या बिजली कटौती होने पर कंट्रोल रूम में कॉल करते ही मोबाइल वैन तुरंत मौके पर पहुंचेगी। विभाग ने नागरिकों और पूजा आयोजकों के लिए दो विशेष कंट्रोल रूम नंबर जारी किए हैं: 9831079666 और 9831083700
खामियों को सुधारने के लिए एक से दो महीने की समयसीमा
बैठक में मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन क्षेत्रों में बिजली बुनियादी ढांचे में कोई कमी या ढिलाई है, उन्हें अगले एक से दो महीनों के भीतर ठीक कर लिया जाएगा। लक्ष्य यह है कि महालया की शुरुआत से लेकर लक्ष्मी पूजा के समापन तक राज्य का विद्युत नेटवर्क पूरी क्षमता और बिना किसी रुकावट के काम करे।
प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए पूर्ण तैयारी
मौसम के मिजाज को ध्यान में रखते हुए सरकार ने किसी भी संभावित प्राकृतिक आपदा से निपटने की पूरी तैयारी की है। मंत्री गार्गी दास घोष ने कहा कि यद्यपि मानसून समाप्त हो रहा है, फिर भी यदि पूजा के दौरान भारी बारिश या तूफान जैसी स्थिति बनती है, तो बिजली विभाग आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए पूरी तरह तैयार रहेगा। उन्होंने कहा कि नई सरकार की यह पहली दुर्गा पूजा है और वे जनसेवा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ तत्पर हैं।