कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा में विधायक हुमायूं कबीर के विवादित बयान को लेकर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार किसी भी तरह की भड़काऊ या उकसावे वाली टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं करेगी।
"ऐसी बेलगाम बातें नहीं करने देंगे"
विधानसभा में मुख्यमंत्री ने कहा, "ऐसी बेलगाम बातें नहीं करने देंगे, नहीं करने देंगे, नहीं करने देंगे। अब समय आ गया है कि ऐसे लोगों को सबक सिखाया जाए।" उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और भड़काऊ बयान देने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
हुमायूं कबीर के खिलाफ दर्ज हुईं दो FIR
मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि विधायक हुमायूं कबीर के खिलाफ दो अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं। एक मामला रेजिनगर थाना और दूसरा शक्तिपुर थाना में दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि इन मामलों में कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।
"अब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री नहीं हैं"
सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "मैं आपको साफ बता रहा हूं कि ममता बनर्जी मुख्यमंत्री नहीं हैं। आपने एक कमजोर मुख्यमंत्री पाकर जो मन में आया, वह किया और कहा। लेकिन अब हमने आपके खिलाफ दो FIR दर्ज कराई हैं।" इस बयान के साथ उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार उकसाऊ राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगी।
राजनीतिक एजेंडे का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मुर्शिदाबाद के नवदा से विधायक हुमायूं कबीर पूरी तरह राजनीतिक एजेंडे के तहत इस तरह के बयान दे रहे हैं। उनके अनुसार, हुमायूं कबीर भरतपुर, रेजिनगर और नवदा की पंचायतों को तोड़कर निर्वाचित सदस्यों को अपनी पार्टी AJUP में शामिल करना चाहते हैं, लेकिन इसमें सफल नहीं हो पा रहे हैं।
उपचुनाव और वोट बैंक की राजनीति का दावा
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि हुमायूं कबीर दो सीटों से चुनाव जीतने के बाद रेजिनगर सीट से इस्तीफा दे चुके हैं और अगले 2–3 महीनों में वहां उपचुनाव होने की संभावना है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने बेटे को चुनाव जिताने और क्षेत्र के 72 प्रतिशत मुस्लिम वोटों को प्रभावित करने के उद्देश्य से इस तरह की बयानबाजी की जा रही है।