कोलकाता: कोलकाता में हो रही लगातार बारिश के बीच जोड़ाबागान इलाके में एक बड़ा हादसा हो गया। करीब 200 साल पुराने मकान का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। इस हादसे में मलबे के नीचे दबने से 60 वर्ष से अधिक उम्र की एक महिला की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सुबह के वक्त अचानक ढह गया मकान
यह हादसा जोड़ाबागान के ब्रजदुलाल स्ट्रीट इलाके में मंगलवार सुबह करीब 5 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि मकान काफी पुराना और जर्जर हालत में था। लगातार बारिश के कारण भवन की स्थिति और कमजोर हो गई थी। इसी दौरान मकान का एक हिस्सा तेज आवाज के साथ अचानक ढह गया।
मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश
मकान का हिस्सा गिरते ही आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। घटना की सूचना पुलिस और आपदा प्रबंधन टीम को दी गई। मौके पर पहुंची टीमों ने मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन एक बुजुर्ग महिला मलबे में दब गईं।
बुजुर्ग महिला की नहीं बच सकी जान
बचाव अभियान के दौरान महिला को मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मृतका की उम्र 60 वर्ष से अधिक बताई जा रही है। हादसे के बाद पुलिस ने घटनास्थल की स्थिति का जायजा लिया और राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
पहले से खतरनाक घोषित था 200 साल पुराना भवन
स्थानीय जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुआ मकान करीब 200 साल पुराना था। भवन की हालत लंबे समय से खराब बताई जा रही थी। बताया जा रहा है कि कोलकाता नगर निगम की ओर से इस मकान को पहले ही खतरनाक भवन घोषित किया गया था और इस संबंध में नोटिस भी लगाया गया था।
नोटिस के बावजूद मकान में रह रहे थे लोग
सबसे बड़ा सवाल यह है कि खतरनाक घोषित किए जाने के बावजूद मकान में लोग क्यों रह रहे थे। जर्जर भवन का एक हिस्सा गिरने के बाद पुराने मकानों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन के सामने ऐसे भवनों को खाली कराने और उनके खिलाफ समय रहते कार्रवाई करने की चुनौती एक बार फिर सामने आई है।
लगातार बारिश ने बढ़ाई मुश्किल
कोलकाता में लगातार हो रही बारिश के बीच पुराने और जर्जर मकानों पर खतरा बढ़ गया है। लंबे समय से कमजोर पड़ी इमारतों में बारिश का पानी जाने से उनकी संरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। जोड़ाबागान की घटना ने शहर में मौजूद ऐसे पुराने भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन के सामने जर्जर मकानों की चुनौती
जोड़ाबागान की घटना सिर्फ एक मकान के ढहने का मामला नहीं है, बल्कि यह कोलकाता में मौजूद पुराने और जोखिम वाले भवनों की सुरक्षा का मुद्दा भी सामने लाती है। खासकर बारिश के मौसम में ऐसे मकानों की स्थिति की नियमित जांच और वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी हो जाता है।