कोलकाता: दुर्गा पूजा के दौरान बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने विशेष पहल की है। कोलकाता के दो प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों के बाहर ‘सीनियर सिटिजन लाउंज’ तैयार किए गए हैं। उत्तर कोलकाता के अहिरीटोला युवक वृंद और दक्षिण कोलकाता के सुरुचि संघ में बनाए गए इन लाउंज में बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए आराम करने से लेकर चाय-कॉफी और प्राथमिक चिकित्सा तक की सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। राज्य के शहरी विकास विभाग की इस पहल का उद्देश्य दुर्गा पूजा के दौरान बुजुर्गों और विशेष रूप से सक्षम लोगों की परेशानियों को कम करना है। इन विशेष लाउंज का उद्घाटन राज्य की शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने किया।
लंबी कतारों से मिलेगी राहत, पंडाल के बाहर ही आराम की सुविधा
कोलकाता की दुर्गा पूजा देशभर में अपनी भव्यता और लोकप्रियता के लिए मशहूर है। षष्ठी से लेकर दशमी तक हजारों श्रद्धालु रातभर शहर के अलग-अलग पंडालों में मां दुर्गा के दर्शन करने पहुंचते हैं। लेकिन भारी भीड़, लंबी कतारों और लगातार पैदल चलने के कारण बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने दो प्रमुख पूजा पंडालों के बाहर विशेष लाउंज तैयार किए हैं, ताकि थकान महसूस होने पर श्रद्धालु कुछ देर आराम कर सकें और जरूरत पड़ने पर सहायता भी प्राप्त कर सकें।
कुर्सी-सोफा से लेकर चाय-कॉफी तक, लाउंज में मिलेंगी कई सुविधाएं
इन ‘सीनियर सिटिजन लाउंज’ में बुजुर्गों के आराम के लिए कुर्सियों और सोफे की व्यवस्था की गई है। गर्मी और उमस से राहत देने के लिए कूलर लगाए गए हैं। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए चाय, कॉफी और बिस्कुट की सुविधा भी रखी गई है। पूजा पंडालों में लंबी कतारों में खड़े रहने के बाद थक जाने वाले बुजुर्ग यहां बैठकर कुछ समय आराम कर सकेंगे। इस पहल के जरिए कोशिश की गई है कि उम्र के कारण किसी श्रद्धालु को दुर्गा पूजा के उत्साह और मां के दर्शन से वंचित न रहना पड़े।
अचानक तबीयत बिगड़ने पर भी मिलेगी मदद, व्हीलचेयर की व्यवस्था
लाउंज में केवल आराम की सुविधा ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की गई है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यहां दवाइयां और आवश्यक चिकित्सा उपकरण रखे जाएंगे, ताकि किसी श्रद्धालु की तबीयत खराब होने पर शुरुआती मदद दी जा सके। जिन बुजुर्गों को चलने-फिरने में परेशानी होती है, उनके लिए व्हीलचेयर की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इस तरह पूजा के दौरान शारीरिक परेशानी का सामना करने वाले श्रद्धालुओं को पंडाल के बाहर ही राहत देने की कोशिश की गई है।
अहिरीटोला युवक वृंद और सुरुचि संघ में विशेष पहल
राज्य सरकार की इस योजना के तहत उत्तर कोलकाता के प्रसिद्ध अहिरीटोला युवक वृंद और दक्षिण कोलकाता के लोकप्रिय सुरुचि संघ के पूजा पंडालों के बाहर लाउंज बनाए गए हैं। इन दोनों पंडालों में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यहां वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से आराम की व्यवस्था होने से उन्हें काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है। राज्य के शहरी विकास विभाग ने इस पहल के जरिए पूजा के दौरान बुजुर्गों और विशेष रूप से सक्षम श्रद्धालुओं की जरूरतों को प्राथमिकता देने की कोशिश की है।
अग्निमित्रा पाल ने बताया पहल का उद्देश्य
राज्य की शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल के मुताबिक, इस पहल के पीछे मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को दुर्गा पूजा के दौरान राहत देना है। पूजा के समय बड़ी संख्या में बुजुर्ग मां दुर्गा के दर्शन के लिए निकलते हैं। लेकिन लोकप्रिय पंडालों में लंबी कतारों में खड़े रहने और भीड़ के बीच लगातार चलने के कारण उन्हें शारीरिक परेशानी हो सकती है। कई बार अधिक देर तक इंतजार करने से उनकी तबीयत भी बिगड़ सकती है। ऐसे में इन लाउंज के माध्यम से उन्हें आराम करने और जरूरत पड़ने पर प्राथमिक सहायता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
पहले आयोजक करते थे व्यवस्था, इस बार सरकारी पहल पर जोर
पिछले वर्षों में भी कोलकाता के कुछ दुर्गा पूजा पंडालों में वरिष्ठ नागरिकों के बैठने और आराम करने की व्यवस्था की जाती रही है। हालांकि, ऐसी सुविधाएं अधिकतर पूजा आयोजकों की ओर से उपलब्ध कराई जाती थीं। इस बार राज्य सरकार के शहरी विकास विभाग की ओर से विशेष लाउंज तैयार किए जाने को एक अलग पहल के रूप में देखा जा रहा है। इससे बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर सरकारी स्तर पर भी ध्यान दिए जाने का संदेश मिलता है।
‘सबके लिए उत्सव’ की दिशा में पहल, पूजा के दौरान मिलेगी अतिरिक्त सुविधा
कोलकाता की दुर्गा पूजा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि शहर की संस्कृति, परंपरा और भावनाओं से जुड़ा आयोजन है। इस दौरान लोगों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है। वरिष्ठ नागरिकों और विशेष रूप से सक्षम लोगों के लिए आराम, व्हीलचेयर और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध होने से पूजा का अनुभव अधिक सहज और सुविधाजनक बनाया जा सकता है।
अहिरीटोला युवक वृंद और सुरुचि संघ के बाहर बनाए गए ‘सीनियर सिटिजन लाउंज’ इसी दिशा में एक पहल हैं। अब देखना होगा कि पूजा के दौरान इन सुविधाओं का लाभ कितने श्रद्धालुओं को मिलता है और यह व्यवस्था उनकी परेशानियों को कम करने में कितनी प्रभावी साबित होती है। फिलहाल, इस पहल का उद्देश्य साफ है—दुर्गा पूजा के उत्सव में बुजुर्गों और विशेष रूप से सक्षम श्रद्धालुओं को भी सम्मान, सुविधा और राहत के साथ शामिल होने का अवसर देना।