कोलकाता: शहर के विभिन्न फ्लाईओवर और पुलों के नीचे बने अस्थायी ढांचों, दुकानों, झुग्गियों और अन्य अवैध कब्जों को हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) की ओर से कई स्थानों पर नोटिस चस्पा कर सात दिनों के भीतर जगह खाली करने का निर्देश दिया गया है। निर्धारित समय सीमा के बाद कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।
बिना हस्ताक्षर वाले नोटिस पर उठे सवाल
कार्रवाई से पहले लगाए गए नोटिस को लेकर नया विवाद भी सामने आया है। कई नोटिसों पर किसी अधिकारी का नाम या हस्ताक्षर नहीं होने से स्थानीय लोगों और प्रभावित दुकानदारों ने इसकी वैधता पर सवाल उठाए हैं। इस मुद्दे पर नगर निगम की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
अधिकारियों को मौखिक और डिजिटल निर्देश मिलने का दावा
नगर निगम के कुछ अधिकारियों का कहना है कि उन्हें औपचारिक आदेश के बजाय डिजिटल माध्यम से निर्देश देकर नोटिस लगाने को कहा गया। इससे कार्रवाई के दौरान कई जगह विरोध का सामना करना पड़ रहा है। वहीं निगम के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान सार्वजनिक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
पुलिस की सूची के आधार पर चलेगा अभियान
सूत्रों के अनुसार, कोलकाता पुलिस ने शहर के ऐसे फ्लाईओवर और पुलों की सूची तैयार की है, जहां बड़े पैमाने पर अतिक्रमण है। इन्हीं स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर अभियान चलाया जाएगा। कई जगहों पर अस्थायी दुकानें, झुग्गियां, गैराज और अन्य संरचनाएं वर्षों से बनी हुई हैं।
शहरभर में चरणबद्ध कार्रवाई की तैयारी
नगर निगम का कहना है कि यह अभियान केवल कुछ इलाकों तक सीमित नहीं रहेगा। शहर के विभिन्न फ्लाईओवरों और पुलों के नीचे मौजूद अवैध निर्माणों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। प्रशासन का दावा है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है।