कोलकाता: कोलकाता में श्यामापूजा और दीपावली की तैयारियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। दुर्गापूजा के दौरान चोरबागान में हुई भगदड़ और श्रद्धालुओं की मौत की घटना के बाद इस बार प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता। आगामी त्योहारों में भीड़ प्रबंधन से लेकर अग्नि सुरक्षा और पटाखों के इस्तेमाल तक कई नियम सख्त किए गए हैं। कोलकाता पुलिस ने शहर की प्रमुख पूजा समितियों के साथ बैठक कर सुरक्षा से जुड़े जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पूजा और दीपावली के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
चोरबागान हादसे के बाद पंडालों की सुरक्षा पर विशेष जोर
2026 के दुर्गोत्सव में सप्तमी के दिन चोरबागान में भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई थी, जिसमें कई श्रद्धालुओं की जान चली गई थी। इस घटना के बाद कोलकाता पुलिस ने श्यामापूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का फैसला किया है। इसी सिलसिले में कोलकाता के पुलिस आयुक्त अजय नंदा के नेतृत्व में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने शहर की प्रमुख पूजा समितियों के आयोजकों के साथ बैठक की। बैठक में पंडालों की बनावट, श्रद्धालुओं की आवाजाही और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों पर चर्चा हुई। पुलिस ने सभी समितियों को प्रवेश और निकास के रास्ते पर्याप्त चौड़े रखने का निर्देश दिया है, ताकि भीड़ बढ़ने पर लोगों को बाहर निकलने में परेशानी न हो। इसके साथ ही प्रत्येक पंडाल में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करना अनिवार्य किया गया है। आग लगने जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन यंत्र रखना भी जरूरी होगा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आयोजकों को विशेष निगरानी रखने और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करने की हिदायत दी गई है।
बारिश और प्राकृतिक आपदा की स्थिति में पंडाल खाली कराने का निर्देश
श्यामापूजा के दौरान मौसम खराब होने या किसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति को देखते हुए भी पुलिस ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बारिश या किसी अन्य प्राकृतिक आपदा की स्थिति में श्रद्धालुओं को पंडाल के अंदर नहीं रखा जा सकेगा। ऐसी परिस्थितियों में भीड़ को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने की व्यवस्था करनी होगी। पुलिस का मानना है कि अचानक मौसम बिगड़ने पर पंडालों में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच सकती है। ऐसे में पहले से तैयार सुरक्षा व्यवस्था किसी बड़ी दुर्घटना को रोकने में मददगार साबित हो सकती है। पूजा समितियों को निर्देश दिया गया है कि वे आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम पहले से रखें। साथ ही, श्रद्धालुओं की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जाए। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि सुरक्षा से जुड़े इन निर्देशों का पालन करना सभी पूजा समितियों के लिए जरूरी होगा।
पटाखे फोड़ने के समय और आवाज को लेकर सख्त नियम
श्यामापूजा और दीपावली के दौरान पटाखों के इस्तेमाल को लेकर भी राज्य प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य की गृह सचिव संघमित्रा घोष ने स्पष्ट किया है कि केवल स्वीकृत हरे पटाखे ही फोड़ने की अनुमति होगी। इसके लिए रात 8 बजे से 10 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। यानी इस तय समय के अलावा पटाखे फोड़ने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने पटाखों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आवाज की सीमा भी तय की है। निर्धारित नियमों के अनुसार, ध्वनि पटाखों के लिए अधिकतम 125 डेसिबल और रोशनी वाले पटाखों के लिए 90 डेसिबल की सीमा रखी गई है। इसके अलावा अस्पतालों और वृद्धाश्रमों के 100 मीटर के दायरे में किसी भी तरह के पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और गंभीर मामलों में जेल तक की सजा हो सकती है।
12 तारीख तक प्रतिमाओं का विसर्जन पूरा करने का निर्देश
श्यामापूजा के बाद प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर भी प्रशासन ने समय-सीमा तय की है। सभी पूजा समितियों को 12 तारीख तक प्रतिमाओं का विसर्जन पूरा करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस प्रशासन की ओर से विसर्जन के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। तय समय-सीमा के भीतर विसर्जन की प्रक्रिया पूरी होने से सड़कों पर भीड़ और यातायात संबंधी परेशानियों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही पूजा समितियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रशासन की ओर से जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। चोरबागान हादसे के बाद पुलिस इस बार किसी भी स्तर पर सुरक्षा में चूक नहीं चाहती है। कोलकाता पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि श्यामापूजा और दीपावली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।