कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। कोलकाता के ठाकुरपुकुर (Thakurpukur) थाना इलाके में शनिवार रात एक युवती को उसके ही दोस्त के घर में हवस का शिकार बनाया गया। पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी (युवती के दोस्त) समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।पीड़िता का आरोप है कि उसके दोस्त ने न सिर्फ उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए, बल्कि वहां मौजूद अन्य आरोपियों ने उसके साथ बर्बरता और घिनौनी हरकत भी की।
वारदात की रात क्या-क्या हुआ?
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक वारदात शनिवार (11 जुलाई) की देर रात की है।दोस्त के बुलावे पर गई थी घर: पीड़िता शनिवार रात ठाकुरपुकुर इलाके में रहने वाले अपने एक परिचित दोस्त के घर गई थी। वहां रात के वक्त मौका पाकर मुख्य आरोपी दोस्त ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म (बलात्कार) किया।
कपड़े उतारे और की अभद्रता: पीड़िता ने शिकायत में बताया कि जब उसने इस बात का विरोध किया, तो वहां मौजूद एक अन्य आरोपी ने जबरन उसके शरीर से कपड़े उतार दिए और उसके साथ बेहद अभद्र व अश्लील व्यवहार किया।साजिश के तहत छीना मोबाइल: पीड़िता किसी को फोन करके मदद न मांग सके या पुलिस को सूचना न दे सके, इसलिए आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया और उसे बंधक जैसी स्थिति में रखा।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, 3 आरोपी सलाखों के पीछे
रविवार को जैसे-तैसे चंगुल से छूटकर पीड़िता ठाकुरपुकुर थाने पहुंची और अपनी आपबीती सुनाई। वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर इलाके में छापेमारी की और मुख्य आरोपी दोस्त समेत तीन लोगों को दबोच लिया।
मोबाइल फोन बरामद, तीसरे आरोपी की भूमिका की जांच जारी: पुलिस ने बताया कि पीड़िता का छीना गया मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया है। पकड़े गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है कि मोबाइल फोन छीनने के पीछे क्या कोई वीडियो बनाने या ब्लैकमेल करने की भी साजिश थी? वहीं, गिरफ्तार किए गए तीसरे आरोपी की इस पूरी वारदात में क्या भूमिका थी, इसकी गहराई से जांच की जा रही है।
रविवार रात मुख्य आरोपी के घर पहुंचे थे दो अन्य दोस्त
जांच में यह भी सामने आया है कि रविवार रात मुख्य आरोपी के घर उसके दो अन्य दोस्त भी आए थे। हालांकि, पुलिस की प्राथमिक जांच के अनुसार, वारदात के वक्त या पीड़िता को प्रताड़ित करने में उनकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका (Direct Involvement) अब तक सामने नहीं आई है। पुलिस घटना की कड़ियों को जोड़ने के लिए सीसीटीवी और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को खंगाल रही है। पीड़िता को मेडिकल टेस्ट के लिए भेजा गया है और तीनों धुरंधरों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी में है।