दार्जिलिंग/सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सिलीगुड़ी में एक भव्य महाकाल मंदिर निर्माण की योजना की घोषणा की है। उत्तरी बंगाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे के दौरान गुरुवार को दार्जिलिंग स्थित महाकाल मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कन्वेंशन सेंटर के पास भगवान शिव को समर्पित एक विशाल मंदिर बनाया जाएगा। इसके लिए जल्द ही एक ट्रस्ट गठित किया जाएगा और मंदिर निर्माण हेतु जमीन राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी।
कन्वेंशन सेंटर के पास होगी मंदिर की जमीन
सूत्रों के अनुसार, महाकाल मंदिर के लिए चिन्हित जमीन सिलीगुड़ी में प्रस्तावित कन्वेंशन सेंटर के ठीक बगल में स्थित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना को धार्मिक और पर्यटन दोनों दृष्टिकोण से विकसित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
दुर्गा आंगन परियोजना की प्रक्रिया भी शुरू
राज्य सरकार ने हाल ही में ‘दुर्गा आंगन’ परियोजना की औपचारिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, जिसे देवी दुर्गा को समर्पित मंदिरनुमा परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा। न्यू टाउन में इसके लिए जमीन चिन्हित की जा चुकी है और परियोजना की अनुमानित लागत करीब 262 करोड़ रुपये बताई जा रही है। राज्य सचिवालय के सूत्रों के मुताबिक, इको पार्क के सामने और वेस्टिन होटल के पास स्थित स्थान को चुना गया है, क्योंकि यह हवाई अड्डे और मेट्रो नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।
WBHIDCO को सौंपी गई जिम्मेदारी
परियोजना के निर्माण की जिम्मेदारी पश्चिम बंगाल हाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (WBHIDCO) को दी गई है। निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया फिलहाल जारी है और जल्द ही काम शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों का लिया जायजा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उत्तरी बंगाल के दौरे पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने पहुंची थीं, जहां उन्होंने राहत कार्यों की समीक्षा की। वह गुरुवार को दार्जिलिंग में रुकेंगी और शुक्रवार को कोलकाता लौटकर शहर में काली पूजा समारोहों का उद्घाटन करेंगी।
सोवन चटर्जी की मुलाकात से बढ़ी राजनीतिक चर्चा
इस दौरान कोलकाता के पूर्व मेयर सोवन चटर्जी और उनकी सहयोगी बैसाखी बनर्जी ने भी दार्जिलिंग में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा हुई। TMC के एक वरिष्ठ नेता ने संकेत दिया कि सोवन चटर्जी आगामी चुनाव से पहले फिर से पार्टी में शामिल हो सकते हैं।