कोलकाता: पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा योजना को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायतों और कई जगह महिलाओं के विरोध-प्रदर्शन के बीच तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चुनाव से पहले योजना का वादा किया गया था, तब लाभार्थियों के लिए पात्रता की शर्तों की जानकारी क्यों नहीं दी गई।
चुनावी वादे का जिक्र कर ममता ने घेरा
ममता बनर्जी ने सोमवार को फेसबुक लाइव के जरिए अन्नपूर्णा योजना को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले बीजेपी ने महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये देने की बात कही थी, लेकिन उस समय पात्रता से जुड़ी शर्तों का उल्लेख नहीं किया गया था। ममता ने इसी मुद्दे को आधार बनाकर बीजेपी पर लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाया।
‘तब शर्त नहीं थी, अब योग्यता क्यों?’
ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव के दौरान बीजेपी के कार्यकर्ताओं और एजेंसियों के जरिए महिलाओं से फॉर्म भरवाए गए थे और सरकार बनने पर अन्नपूर्णा योजना के तहत आर्थिक सहायता देने का भरोसा दिया गया था। उनके मुताबिक, उस वक्त ऐसी कोई शर्त सामने नहीं रखी गई थी। अब पात्रता के नाम पर कई लोगों को योजना से बाहर किए जाने को उन्होंने सवालों के घेरे में रखा।
‘बीजेपी तय करेगी किसे लाभ मिलेगा?’
टीएमसी प्रमुख ने कहा कि लक्ष्मी भंडार महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता से जुड़ी योजना थी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी महिला को योजना का लाभ मिलने पर उन्हें आपत्ति नहीं है, चाहे वह बीजेपी समर्थक ही क्यों न हो। लेकिन उन्होंने सवाल किया कि आखिर यह फैसला कौन करेगा कि कौन योग्य है और कौन नहीं।
लाभ से वंचित महिलाओं को ममता की सलाह
ममता बनर्जी ने अन्नपूर्णा योजना से बाहर रह गई महिलाओं से अपने-अपने इलाके में ऐसे लाभार्थियों की सूची तैयार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, उनकी जानकारी एकत्र कर रखी जानी चाहिए।
सरकार का दावा- 1.45 करोड़ से ज्यादा खातों में पहुंची राशि
वहीं, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि अन्नपूर्णा योजना की राशि 1 करोड़ 45 लाख 64 हजार 472 लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि जो लोग पात्र हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से योजना का लाभ मिलता रहेगा। सरकार के मुताबिक योजना के लिए पोर्टल भी शुरू किया गया है और प्राप्त शिकायतों की जांच की जा रही है।
पात्रता को लेकर पहले से लागू हैं कई शर्तें
पश्चिम बंगाल सरकार की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक अन्नपूर्णा योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। सामान्य पात्रता में 25 से 60 वर्ष की आयु, स्थायी सरकारी नौकरी या नियमित सरकारी वेतन/पेंशन नहीं होना और आयकरदाता नहीं होना शामिल है।