न्यू जलपाईगुड़ी: रेलवे स्टेशन पर हॉकरी बंद होने और कार्रवाई के विरोध में सोमवार को राष्ट्रवादी रेलवे हॉकर्स यूनियन के नेतृत्व में हकारों ने प्रदर्शन किया। हकारों ने न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन के RPF कार्यालय के सामने राष्ट्रीय ध्वज के साथ विरोध जताते हुए अपनी रोजी-रोटी बचाने की मांग उठाई।
27 दिनों से कार्रवाई का आरोप
हकारों का आरोप है कि पिछले 27 दिनों से स्टेशन पर हॉकरी करने पहुंचने पर उन्हें रोक दिया जा रहा है। इतना ही नहीं, उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर 2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है। हकारों ने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
रोजी-रोटी छिनने से परिवार पर संकट
प्रदर्शन कर रहे हकारों का कहना है कि वे लंबे समय से न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन पर हॉकरी कर अपने परिवार का खर्च चलाते हैं। अचानक काम बंद होने से उनके सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है। उनका सवाल है कि अगर रेलवे स्टेशन पर हॉकरी की अनुमति नहीं है, तो इतने वर्षों से इस काम पर निर्भर परिवारों के लिए वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था कौन करेगा?
RPF कार्यालय के बाहर बुलंद हुई आवाज
सोमवार को हकारों ने RPF कार्यालय के सामने एकजुट होकर अपनी मांगें रखीं। प्रदर्शनकारियों ने रेलवे प्रशासन से कार्रवाई के बजाय ऐसा रास्ता निकालने की अपील की, जिससे नियमों का पालन करते हुए उन्हें रोजगार जारी रखने का अवसर मिल सके।
IRCTC के तहत रोजगार देने की मांग
हकारों ने रेलवे प्रशासन के सामने IRCTC के तहत काम देने का प्रस्ताव भी रखा है। उनका कहना है कि यदि स्टेशन परिसर में सीधे हॉकरी की अनुमति नहीं दी जा सकती, तो उन्हें IRCTC के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
लाइसेंस देकर हॉकरी की अनुमति की मांग
हकारों की एक प्रमुख मांग यह भी है कि उन्हें लाइसेंस जारी किया जाए, ताकि वे रेलवे और IRCTC के निर्धारित नियमों के तहत स्टेशन पर सामान बेच सकें। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इससे रेलवे के नियमों का पालन भी होगा और उनके परिवारों की आजीविका भी सुरक्षित रह सकेगी।
अब प्रशासन के फैसले पर नजर
न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन पर हकारों के इस प्रदर्शन के बाद अब रेलवे प्रशासन के रुख पर नजर है। हकारों ने स्पष्ट किया है कि वे रोजगार बचाने के लिए अपनी मांगों को लेकर आगे भी आवाज उठाएंगे। उनका कहना है कि कार्रवाई के बजाय बातचीत के जरिए समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए।