कोलकाता: पूजा की छुट्टियां शुरू होने से पहले ही ट्रेनों में टिकटों की मारामारी शुरू हो गई है। लंबी दूरी की कई ट्रेनों में बुकिंग खुलते ही सीटें तेजी से भर रही हैं। यात्रियों को स्लीपर क्लास से लेकर एसी फर्स्ट क्लास तक कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो रहा है।
उत्तर बंगाल जाने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा दबाव
उत्तर बंगाल और दार्जिलिंग जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण इस रूट की लोकप्रिय ट्रेनों में भारी मांग देखने को मिल रही है। दार्जिलिंग मेल, पदातिक एक्सप्रेस, उत्तरबंग एक्सप्रेस, कंचनजंघा एक्सप्रेस और तीस्ता-तोरसा एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में टिकटों की उपलब्धता तेजी से कम हो रही है।
वेटिंग लिस्ट 400 के पार
त्योहार के दौरान यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी लंबी वेटिंग लिस्ट है। कई ट्रेनों में बुकिंग शुरू होने के कुछ समय बाद ही वेटिंग लिस्ट 400 के पार पहुंच गई। ऐसे में यात्रियों को कन्फर्म टिकट के लिए दूसरे विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं।
स्लीपर से एसी फर्स्ट क्लास तक सीटों का संकट
सिर्फ स्लीपर क्लास ही नहीं, बल्कि एसी श्रेणियों में भी सीटों की भारी कमी देखी जा रही है। कुछ ट्रेनों में एसी फर्स्ट क्लास तक टिकट उपलब्ध नहीं होने की स्थिति सामने आई है। इससे साफ है कि पूजा के दौरान रेल यात्रा को लेकर यात्रियों में काफी उत्साह है।
पुरी जाने वाली ट्रेनों में भी बढ़ी मांग
उत्तर बंगाल के साथ-साथ पुरी जाने वाली ट्रेनों में भी टिकटों की मांग काफी बढ़ गई है। पूजा की छुट्टियों में बड़ी संख्या में लोग पुरी घूमने का कार्यक्रम बनाते हैं। इसी वजह से इस रूट की कई ट्रेनों में भी कन्फर्म टिकट मिलना चुनौती बन गया है।
एडवांस बुकिंग ने बढ़ाई टिकटों की होड़
रेलवे की एडवांस रिजर्वेशन व्यवस्था के तहत यात्री यात्रा की तारीख से पहले ही टिकट बुक कर सकते हैं। ऐसे में पूजा की संभावित छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए यात्रियों ने काफी पहले से टिकट बुक करना शुरू कर दिया है। बुकिंग विंडो खुलते ही बड़ी संख्या में यात्रियों के टिकट लेने की कोशिश करने से लोकप्रिय ट्रेनों में सीटें तेजी से भर रही हैं।
छुट्टियों में घूमने का बढ़ा क्रेज
पूजा के दौरान पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में लोग दार्जिलिंग, डुआर्स, उत्तर बंगाल और पुरी जैसे पर्यटन स्थलों का रुख करते हैं। परिवार के साथ घूमने की योजना बनाने वाले यात्रियों के कारण इस अवधि में ट्रेनों की मांग सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है।
यात्रियों के सामने अब क्या विकल्प?
कन्फर्म टिकट नहीं मिलने पर यात्री दूसरी ट्रेनों, वैकल्पिक तारीखों या अलग-अलग श्रेणियों में सीटों की उपलब्धता देख रहे हैं। वहीं, कई यात्री अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए पहले ही अपनी यात्रा की योजना बनाने पर जोर दे रहे हैं।