मुर्शिदाबाद: रेजिनगर में 26 जून को आयोजित एक पार्टी बैठक में हुमायूं कबीर द्वारा दिए गए कथित बयान को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। आरोप है कि उन्होंने अपने भाषण में अनामिका घोष, चुनावी स्थिति और मुर्शिदाबाद क्षेत्र को लेकर तीखे और विवादित शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे सियासी तनाव बढ़ गया है।
‘कड़ी चेतावनी’ और जेल संबंधी टिप्पणी पर विवाद
भाषण में यह भी कहा गया कि जेल में रह चुके अनुभव और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर टिप्पणी की गई, जिसमें कहा गया कि “कितने दिन जेल में रख सकते हैं, देख लेंगे” जैसी बातें सामने आईं, जिससे राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
दो घटनाओं के बाद FIR दर्ज होने का दावा
जानकारी के अनुसार, दो अलग-अलग घटनाओं के बाद कुल चार एफआईआर दर्ज होने का दावा किया गया है। एक घटना 26 जून की रेजिनगर बैठक से जुड़ी बताई जा रही है, जबकि दूसरी 8 तारीख की कथित प्रशासनिक टिप्पणी से संबंधित है।
पंचायत और चुनावी राजनीति पर आरोप
आरोपों में यह भी कहा गया है कि भरतपुर और रेजिनगर क्षेत्र में पंचायतों को तोड़कर राजनीतिक बदलाव किए गए हैं। साथ ही रेजिनगर उपचुनाव को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें पक्षपात और राजनीतिक दबाव की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री और कानून-व्यवस्था पर बयान
मामले में मुख्यमंत्री और राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर भी तीखी टिप्पणी की गई है। आरोप है कि सरकार के कामकाज और राजनीतिक निर्णयों को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
सभा में ‘जय श्री राम’ के लगे नारे
घटना के दौरान सभा कक्ष में ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए जाने की भी जानकारी सामने आई है, जिससे राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है।