कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पर्यटन मंत्री डॉ. शंकर घोष ने पर्यटन विभाग को लेकर बड़ा रोडमैप पेश किया है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटन को सिर्फ पीक सीजन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि पूरे साल यानी 365 दिन पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश होगी। राज्य सरकार हर जिले की पर्यटन क्षमता को सामने लाने के लिए जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक नई व्यवस्था तैयार करने जा रही है। पश्चिम बंगाल सरकार की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक शंकर घोष पर्यटन विभाग के मंत्री हैं।
23 जिलों के एडीएम के साथ हुई अहम बैठक
शंकर घोष ने बताया कि लंबे समय बाद पर्यटन विभाग के मंत्री की मौजूदगी में राज्य के 23 जिलों के एडीएम के साथ बैठक की गई। बैठक में उन विकास कार्यों की समीक्षा की गई, जो लंबे समय से रुके हुए थे। मंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान पर्यटन विभाग के लिए उपलब्ध राशि का भी अपेक्षित इस्तेमाल नहीं किया गया।
तीन स्तरों पर बनेगी पर्यटन टीम
पर्यटन को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए तीन स्तरों पर टीम या सेल बनाने की तैयारी है। जिला स्तर पर टीम के साथ ब्लॉक स्तर पर भी टीम तैयार की जाएगी। इसके अलावा राज्य स्तर पर एक समन्वित व्यवस्था बनाई जाएगी, जिससे प्रत्येक जिले के पर्यटन स्थलों की पहचान, विकास और प्रचार-प्रसार को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।
पर्यटकों की सुविधाओं पर रहेगा खास फोकस
मंत्री ने कहा कि पर्यटकों से अक्सर पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर शिकायतें मिलती हैं। सरकार प्रत्येक जिले में इन समस्याओं को दूर करने की दिशा में काम करेगी। पर्यटन स्थलों पर बायो-टॉयलेट जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
1000 टूरिस्ट एमेनिटी सेंटर बनाने का लक्ष्य
शंकर घोष ने कहा कि राज्य में करीब 1,000 टूरिस्ट एमेनिटी सेंटर विकसित करने के काम को जल्द शुरू किया जाएगा। इन केंद्रों के जरिए पर्यटकों को पर्यटन स्थलों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
हर जिले का बनेगा अलग टूरिज्म पैकेज
पर्यटन मंत्री ने बताया कि राज्य के अलग-अलग जिलों के लिए डिस्ट्रिक्ट टूरिज्म पैकेज तैयार किए जाएंगे। इसमें संबंधित जिले के प्रमुख दर्शनीय स्थलों को शामिल किया जाएगा, ताकि पर्यटक एक ही पैकेज के तहत जिले की प्रमुख जगहों का भ्रमण कर सकें। पश्चिम बंगाल पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर भी राज्य के विभिन्न जिलों और उनके पर्यटन स्थलों को अलग-अलग सूचीबद्ध किया गया है।
पीक सीजन का इंतजार नहीं, 365 दिन पर्यटन
शंकर घोष ने कहा कि सरकार पर्यटन को केवल पीक टाइम तक सीमित रखने के पक्ष में नहीं है। लक्ष्य है कि हर मौसम को पर्यटन के लिए इस्तेमाल किया जाए। यानी गर्मी, सर्दी, मानसून और अन्य मौसमों के हिसाब से अलग-अलग पर्यटन संभावनाओं को विकसित किया जाएगा।
सिलीगुड़ी में बनेगा होटल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट
पर्यटन मंत्री ने सिलीगुड़ी में होटल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट बनाने की योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना की जिम्मेदारी उन्होंने ली है और इसे तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए प्रशिक्षित युवाओं को तैयार करने में मदद मिल सकती है।
बंगाल को वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने की तैयारी
पश्चिम बंगाल को वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर विकसित करने की भी तैयारी है। शंकर घोष ने बताया कि इस मुद्दे पर वेडिंग प्लानर्स के साथ बैठक हो चुकी है। सरकार राज्य के पर्यटन स्थलों और अन्य सुविधाओं को शादी समारोहों के लिए आकर्षक विकल्प के रूप में विकसित करना चाहती है।
पर्यटन विभाग में कथित अनियमितताओं पर जांच का संकेत
CAG रिपोर्ट में होमस्टे परियोजना से जुड़े कथित वित्तीय दुरुपयोग और निगरानी की कमी के सवाल पर शंकर घोष ने कहा कि मामले पर विधानसभा में विस्तार से चर्चा होगी। उन्होंने पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान पर्यटन विभाग में कथित भ्रष्टाचार और धन के दुरुपयोग के आरोप लगाए।
मंत्री ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में हुई कथित अनियमितताओं की जांच के लिए सरकार ने एक समिति गठित की है, जिसकी अगुवाई पूर्व न्यायाधीश करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि होमस्टे क्षेत्र के लिए ग्रीन होमस्टे पॉलिसी लाने की दिशा में काम किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर फिलहाल West Bengal Homestay Policy 2026 (Draft) भी प्रदर्शित की जा रही है।
अन्नपूर्णा योजना पर शंकर घोष का बड़ा दावा
अन्नपूर्णा योजना को लेकर उठ रहे सवालों पर पर्यटन मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से पहले आंकड़ों को देखना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि 1 करोड़ 25 लाख लोगों के बैंक खातों में दो महीने के भीतर पैसा पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में लाभार्थियों तक बड़ी संख्या में राशि पहुंचाई गई है और अन्य राज्यों की आय सीमा की तुलना में पश्चिम बंगाल में सालाना आय की सीमा 12 लाख रुपये तक रखी गई है।
फर्जी दस्तावेज मामले पर तृणमूल पर निशाना
उत्तर बंगाल के पानीटंकी से कथित फर्जी भारतीय दस्तावेजों के साथ अफगान नागरिक की गिरफ्तारी के सवाल पर शंकर घोष ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में गंभीर लापरवाही हुई।
उन्होंने BSF को जमीन उपलब्ध कराने के मुद्दे का भी जिक्र किया और कहा कि मौजूदा सरकार ने सत्ता में आने के बाद कैबिनेट की पहली बैठक में ही BSF को जमीन देने से जुड़ी फाइल पर हस्ताक्षर किया था।
शिक्षा में राजनीति पर भी रखी राय
शिक्षा क्षेत्र में राजनीति के सवाल पर शंकर घोष ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सांसदों और विधायकों को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर जनता के हित में काम करना चाहिए।