कोलकाता: सरकार गठन के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को शिक्षा विभाग के मुख्यालय विकास भवन पहुंचकर शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अहम मुद्दों पर उच्चस्तरीय बैठक की। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार की मौजूदगी में हुई इस बैठक को राज्य और केंद्र के बीच शिक्षा क्षेत्र में बेहतर समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विकास भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन, दोनों विभागों के राज्य मंत्री, शिक्षा सचिव विनोद कुमार सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में कोलकाता के डीआईओ और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के 10 अधिकारी भी शामिल हुए।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और बंद परियोजनाओं पर चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही केंद्र सरकार की स्कूल शिक्षा से जुड़ी 68 बंद परियोजनाओं तथा उच्च शिक्षा की 70 से अधिक बंद परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और उन्हें आगे बढ़ाने के संभावित उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
केंद्र-राज्य समन्वय पर विशेष जोर
बैठक को शिक्षा क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों ने शिक्षा से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक और विकासात्मक मुद्दों पर भी अपने विचार रखे।
दिल्ली दौरे के बाद पहली अहम बैठक
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि उसी बैठक में हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाने और शिक्षा क्षेत्र की लंबित परियोजनाओं पर निर्णय लेने के उद्देश्य से विकास भवन में यह उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।