कोलकाता: शिक्षक दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार का रोडमैप सामने रखा। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल किताबी शिक्षा तक सीमित रखना उचित नहीं है और शारीरिक शिक्षा, खेल, संगीत, पुस्तकालय तथा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को भी बढ़ावा देना जरूरी है।
स्कूलों के प्रदर्शन के आधार पर मिलेगा पुरस्कार
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने विद्यासागर मेरिट स्कॉलरशिप शुरू करने की बात कही और कहा कि अंतरराष्ट्रीय तथा राष्ट्रीय स्तर पर पढ़ाई के अवसर पाने वाले विद्यार्थियों को सरकार प्रोत्साहन देगी।
NCC और ब्रतचारी को फिर से स्कूलों में लाने पर जोर
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए। शारीरिक शिक्षा और खेलों की उपेक्षा हुई है, जिसे अब दूर किया जाएगा। उन्होंने स्कूलों में NCC और ब्रतचारी जैसी गतिविधियों को फिर से शुरू करने की बात कही। गुजरात में मोबाइल फोन पर लगाए गए प्रतिबंध का उदाहरण देते हुए उन्होंने स्कूलों में मोबाइल के प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई।
19 हजार स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में करीब 19 हजार विद्यालयों में जरूरी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। उन्होंने हर स्कूल में मिड-डे मील किचन और एक्वागार्ड उपलब्ध कराने, लाइब्रेरी को ई-लाइब्रेरी में बदलने तथा विद्यार्थियों के लिए तबला, सितार, गिटार जैसे संगीत उपकरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
शिक्षक भर्ती में मेरिट को बताया मुख्य आधार
सुवेंदु अधिकारी ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर कहा कि भर्ती सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेरिट को मुख्य आधार बनाया जाएगा और मौखिक परीक्षा में ज्यादा अंक रखने के पक्ष में सरकार नहीं है। उन्होंने कहा कि मौखिक परीक्षा के लिए 5 अंक से अधिक नहीं रखे जाने चाहिए।
पाठ्यक्रम में बदलाव के संकेत
मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल के इतिहास और महापुरुषों से जुड़ी सामग्री को पाठ्यक्रम में उचित स्थान मिलना चाहिए। उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी और मातंगिनी हाजरा जैसे व्यक्तित्वों के बारे में नई पीढ़ी को पढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसी दिशा में राज्य सरकार ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी और स्वामी प्रणवानंद के योगदान को पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात कही है।
हर जिले में दो CM श्री स्कूल बनाने की योजना
सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक जिले में दो CM श्री स्कूल विकसित किए जाएंगे। इन्हें PM श्री और केंद्रीय विद्यालयों की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना है। उन्होंने उत्तर बंगाल और पश्चिमांचल में खेलों के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की भी बात कही।
धर्म के आधार पर छात्रवृत्ति में भेदभाव नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के बीच धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार सभी समुदायों के विद्यार्थियों को समान अवसर देने के सिद्धांत पर काम करेगी।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार का दावा
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की शिक्षा व्यवस्था में कई गलतियां हुई हैं और अब सरकार लगातार सुधार की दिशा में आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि लक्ष्य ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है, जहां पढ़ाई के साथ खेल, संस्कृति, अनुशासन और व्यक्तित्व निर्माण पर भी समान ध्यान दिया जाए।