कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा आयोजित 'जनता दरबार' के 10वें दिन 26 नागरिक अपनी प्रशासनिक और व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान की गुहार लेकर पहुंचे। जनता दरबार में उत्तर कोलकाता के ऐतिहासिक रंगनाथ थिएटर पर अवैध कब्जे, पूर्व आईपीएस व टीएमसी के पूर्व विधायक हुमायूं कबीर के खिलाफ जमीन कब्जाने और बिल्डरों द्वारा करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज कराए गए।
ऐतिहासिक रंगनाथ थिएटर की जमीन कब्जाने का आरोप
उत्तर कोलकाता के खन्ना इलाके के ऐतिहासिक 'रंगनाथ थिएटर' के मालिक हीरक मुखर्जी ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, थिएटर बंद होने के बाद उन्होंने जमीन के एक हिस्से पर फैक्ट्री बनाई थी, जिसे तत्कालीन स्थानीय विधायक और पुलिस की मदद से जबरन खाली करवा लिया गया और सामान बाहर फेंक दिया गया। कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है।
पूर्व आईपीएस व विधायक हुमायूं कबीर पर 22 कट्ठा जमीन कब्जाने का आरोप
डेबरा के निवासियों और पांच महिला पीड़ितों ने जनता दरबार में पहुंचकर पूर्व आईपीएस अधिकारी व टीएमसी के पूर्व विधायक हुमायूं कबीर पर गंभीर आरोप लगाए। पीड़ितों का कहना है कि हावड़ा में कोना एक्सप्रेसवे पर स्थित उनकी 22 कट्ठा जमीन को डर दिखाकर और धमकियां देकर कब्जा कर लिया गया है। मामला अदालत तक पहुंचने के बावजूद पूर्व आईपीएस अधिकारी होने के कारण उनके खिलाफ पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। पीड़ितों ने हुमायूं कबीर की गिरफ्तारी और अपनी जमीन वापस दिलाने की मांग की है।
300 करोड़ रुपये का फ्लैट घोटाला और 86 वर्षीय बुजुर्ग से धोखाधड़ी
जनता दरबार में लेक टाउन क्षेत्र से धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया, जहां 2017 में फ्लैट खरीदने के नाम पर 2,000 लोगों से प्रति व्यक्ति 5 लाख रुपये ऐंठकर लगभग 300 करोड़ रुपये की ठगी की गई। स्थानीय पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर पीड़ितों ने मुख्यमंत्री का दरवाजा खटखटाया है।इसके अलावा, सिंधी इलाके के 86 वर्षीय बुजुर्ग विश्वनाथ भट्टाचार्य ने भी बिल्डर पर जमीन हड़पने और उल्टा पैसे मांगने का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री ने सभी शिकायतों को सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।