कोलकाता: तारातला हादसे के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने राहत और पुनर्वास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नवान्न में पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता के चेक सौंपे और भरोसा दिलाया कि सरकार केवल मुआवजा ही नहीं, बल्कि रोजगार, इलाज और बच्चों की पढ़ाई तक हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी।

पीड़ित परिवारों को मिला आर्थिक सहारा
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। नवान्न में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी सुनीं और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
'पिछली सरकार की लापरवाही का नतीजा'
मुख्यमंत्री ने कहा कि गार्डनरीच से लेकर तारातला तक इस तरह की घटनाएं पिछली सरकार और उस समय के प्रशासनिक फैसलों की खामियों का परिणाम हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आधुनिक तकनीक और मजबूत निगरानी व्यवस्था लागू करेगी।

राहत अभियान का किया जिक्र
सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि हादसे के आधे घंटे के भीतर दमकल विभाग ने बचाव अभियान शुरू कर दिया था। इसके कुछ ही समय बाद राष्ट्रीय और राज्य आपदा मोचन बल तथा सेना भी राहत कार्य में जुट गई। उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रयासों से 17 लोगों की जान बचाई जा सकी।
नौकरी और मासिक सहायता का भरोसा
बैठक के दौरान एक पीड़ित महिला ने मुख्यमंत्री से रोजगार की मांग की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मृतकों के परिवार के एक सदस्य को स्थानीय नगर निकाय में दैनिक वेतन के आधार पर काम दिया जाएगा। दसवीं पास योग्य सदस्य को कोलकाता पुलिस में सिविक वॉलंटियर बनने का अवसर भी मिलेगा। साथ ही श्रम विभाग की ओर से मासिक सहायता देने की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है।

इलाज और बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी भी सरकार उठाएगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक सहायता किसी अपने को खोने का विकल्प नहीं हो सकती, लेकिन सरकार पीड़ित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ेगी। घायलों के इलाज, दवाइयों और मृतकों के बच्चों की शिक्षा में आने वाली हर जरूरत का खर्च सरकार वहन करेगी।
आधुनिक होगी आपदा प्रबंधन व्यवस्था
भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राज्य सरकार सिविल डिफेंस और आपदा प्रबंधन विभाग को आधुनिक उपकरणों से लैस करेगी। इसके लिए आवश्यक बजट भी स्वीकृत किया जा चुका है ताकि बचाव अभियान और अधिक तेज एवं प्रभावी बनाया जा सके।