कोलकाता: लगभग 19 साल बाद पश्चिम बंगाल लौटीं लेखिका तसलीमा नसरीन ने रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, समान नागरिक संहिता (UCC), बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति, छात्र आंदोलन और अपनी वापसी को लेकर कई अहम टिप्पणियां कीं।
जॉय गोस्वामी के मंच छोड़ने पर जताया दुख
तसलीमा नसरीन ने कहा कि प्रसिद्ध कवि जॉय गोस्वामी के मंच छोड़कर जाने की घटना से उन्हें दुख पहुंचा। उनके अनुसार, उन्होंने स्वयं जॉय गोस्वामी को मंच पर आमंत्रित किया था, लेकिन दर्शकों के विरोध के कारण उन्हें वहां से जाना पड़ा।
19 साल बाद पश्चिम बंगाल वापसी पर क्या बोलीं?
अपनी वापसी को लेकर तसलीमा ने कहा कि अलग-अलग सरकारों के दौरान उनके साथ अलग व्यवहार हुआ। उन्होंने कहा कि एक सरकार ने उन्हें बाहर कर दिया, दूसरी ने लौटने की अनुमति नहीं दी, जबकि वर्तमान सरकार ने उन्हें आने का अवसर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि मौजूदा सरकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करेगी।
UCC को बताया जरूरी
तसलीमा नसरीन ने कहा कि वह पिछले चार दशकों से समान नागरिक संहिता की मांग कर रही हैं। उनका कहना था कि भारत, बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे देशों में सभी नागरिकों के लिए समान कानून होना चाहिए। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदू महिलाओं के अधिकारों को लेकर भी अपनी चिंताएं व्यक्त कीं।
बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर बयान
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय लंबे समय से उत्पीड़न का सामना कर रहा है। उन्होंने विभिन्न सरकारों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि हाल के समय में स्थिति और गंभीर हुई है। साथ ही उन्होंने धार्मिक कट्टरता पर भी चिंता जताई। (ये तसलीमा नसरीन के व्यक्तिगत बयान हैं।)
मदरसों और छात्र आंदोलन पर भी टिप्पणी
तसलीमा नसरीन ने कुछ मदरसों और बांग्लादेश के 2024 के छात्र आंदोलन को लेकर भी विवादित टिप्पणियां कीं। उन्होंने आंदोलन के पीछे कट्टरपंथी तत्वों की भूमिका होने का दावा किया। (इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और ये उनके व्यक्तिगत विचार हैं।)
बांग्लादेश की राजनीति और शेख हसीना पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि यदि अवामी लीग मुख्य विपक्षी दल होती तो यह बेहतर होता। साथ ही उन्होंने कहा कि शेख हसीना की बांग्लादेश वापसी होगी या नहीं, यह भविष्य बताएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें स्वयं अब तक अपने देश लौटने की अनुमति नहीं मिली है।