कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हाल ही में हुई एक आपदा के पीड़ितों और उनके परिवारों के पुनर्वास के लिए कई बड़े और महत्वपूर्ण कल्याणकारी कदमों की घोषणा की है। एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आपदा में जान गंवाने वाले और घायल हुए लोगों के परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने पीड़ितों को रोजगार देने से लेकर उनके बच्चों की पढ़ाई और मुफ्त इलाज तक की पूरी जिम्मेदारी उठाने का भरोसा दिया है।
योग्यता के आधार पर 7 से 10 दिनों में मिलेगी नौकरी
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कोलकाता नगर निगम की प्रशासनिक प्रधान (पुर प्रशासक) स्मिता पांडे और शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल को इस संबंध में तत्काल कार्रवाई करने की जिम्मेदारी सौंपी। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा:
"मैं कोलकाता की पुर प्रशासक स्मिता पांडे और शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल को यह जिम्मेदारी दे रहा हूँ। वे दोनों यह देखेंगी कि नगर निगम के किस विभाग में काम के क्या अवसर उपलब्ध हैं। प्रभावित परिवार सीधे नगर निगम से संपर्क कर सकते हैं। स्मिता पांडे और अग्निमित्रा पॉल इस पूरे मामले को देखकर 5 से 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपेंगी।"
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने नौकरी के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता का जिक्र करते हुए कहा, "हमें आवेदकों की शैक्षणिक योग्यता को भी देखना होगा। नौकरी के लिए कम से कम माध्यमिक (10वीं) पास होना जरूरी है, अन्यथा प्रशासनिक स्तर पर समस्या आ सकती है।"
पीड़ित परिवारों को मासिक भत्ता और बच्चों की पढ़ाई का खर्च
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि यदि संभव हो, तो घायलों और मृतकों के परिवार के किसी एक सदस्य को नगर निगम के किसी न किसी काम में तुरंत शामिल किया जाए। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने एक और बड़ा आश्वासन देते हुए कहा कि राज्य सरकार मृतकों के परिवारों को आर्थिक संबल देने के लिए हर महीने एक निश्चित राशि (मासिक भत्ता) देने पर गंभीरता से विचार कर रही है। साथ ही, आपदा से प्रभावित हुए बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का पूरा खर्च भी अब राज्य सरकार ही वहन करेगी।
घायलों के लिए आजीवन मुफ्त इलाज और दवाएं
रोजगार और आर्थिक सहायता के अलावा, मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को भी विशेष निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने मंच से ही राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी को निर्देशित करते हुए कहा कि इस आपदा में जितने भी लोग घायल हुए हैं, उनके पूरी तरह स्वस्थ होने तक इलाज का सारा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। घायलों को अस्पतालों में पूरी तरह से मुफ्त चिकित्सा और दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि आर्थिक तंगी के कारण किसी का इलाज न रुके।राज्य सरकार के इस चौतरफा राहत पैकेज और मानवीय दृष्टिकोण की हर तरफ सराहना हो रही है, जिससे आपदा पीड़ितों को नए सिरे से जिंदगी शुरू करने की उम्मीद मिली है।