मालदा: पश्चिम बंगाल में कथित धर्मांतरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राज्य में करीब 40 परिवारों के ईसाई धर्म अपनाने के दावे के बाद बीजेपी नेताओं ने इस मामले में जांच और सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। इस मुद्दे पर राज्य सरकार के मंत्री जुएल मुर्मू और बीजेपी विधायक गौरी शंकर घोष ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। दोनों नेताओं ने धर्मांतरण के आरोपों को गंभीर बताते हुए प्रशासनिक कार्रवाई और कानून की जरूरत पर जोर दिया।
प्रशासन कर रहा है मामले की जांच: जुएल मुर्मू
मंत्री जुएल मुर्मू ने धर्मांतरण से जुड़े सवाल पर कहा कि प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रहे हैं। एसपी और आईसी सहित संबंधित अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति गलत तरीके से धर्मांतरण जैसी गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को जेल जाना पड़ सकता है।
40 परिवारों के धर्मांतरण के दावे पर क्या बोले मंत्री?
जब उनसे पूछा गया कि अब तक करीब 40 परिवारों के ईसाई धर्म अपनाने की जानकारी सामने आई है, तो उन्होंने कहा कि जिन हिंदू परिवारों ने धर्म छोड़ा है, उनसे बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही उन्होंने दोहराया कि पूरे मामले की प्रशासनिक जांच चल रही है और जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
ममता बनर्जी पर भी साधा निशाना
बातचीत के दौरान मंत्री जुएल मुर्मू ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने तृणमूल सरकार के पूर्व मंत्रियों और नेताओं के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि जनता अब उनके बयानों पर भरोसा नहीं करेगी। उन्होंने राज्य की राजनीति में बीजेपी के बढ़ते प्रभाव का दावा भी किया।
धर्मांतरण रोकने के लिए कानून लाने की मांग करेंगे: गौरी शंकर घोष
वहीं, बीजेपी विधायक गौरी शंकर घोष ने कथित धर्मांतरण की घटना को निंदनीय बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने गरीबों की आर्थिक स्थिति और मजबूरी का फायदा उठाकर सेवा के नाम पर धर्मांतरण कराया। उनके मुताबिक, पहले करीब 40 परिवारों को ईसाई बनाया गया और बाद में बजरंग दल के हस्तक्षेप से इस गतिविधि को रोका गया।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से करेंगे मुलाकात
गौरी शंकर घोष ने कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात करेंगे और राज्य में धर्मांतरण रोकने के लिए विशेष कानून लाने का अनुरोध करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार इस दिशा में कदम उठाएगी और कानून बनने से कथित धर्मांतरण की घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
फिलहाल, 40 परिवारों के धर्मांतरण का दावा और उससे जुड़े आरोप प्रशासनिक जांच के दायरे में हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।