कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) से जुड़े कामों में तेजी लाने के लिए राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा कदम उठाया है। नवान्न ने 12 IAS प्रशिक्षु अधिकारियों को मतुआ बहुल दो जिलों में तैनात करने का निर्देश जारी किया है। इन अधिकारियों को उत्तर 24 परगना और नदिया जिले में अगले दो महीने तक CAA से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब मुख्यमंत्री ने 31 दिसंबर तक करीब 2.5 लाख CAA आवेदकों की सुनवाई पूरी कर उन्हें नागरिकता प्रमाणपत्र देने का लक्ष्य रखा है।

CAA से जुड़े कामों के लिए 12 IAS अधिकारियों की नियुक्ति
नागरिकता संशोधन कानून से संबंधित कार्यों को गति देने के उद्देश्य से पश्चिम बंगाल सरकार ने 12 IAS प्रशिक्षु अधिकारियों की नियुक्ति की है। इन सभी अधिकारियों को मतुआ समुदाय की बड़ी आबादी वाले उत्तर 24 परगना और नदिया जिलों में तैनात किया गया है। जारी निर्देश के मुताबिक, 6 अधिकारियों को उत्तर 24 परगना और 6 अधिकारियों को नदिया जिले की जिम्मेदारी दी गई है। इन अधिकारियों की तैनाती का मुख्य उद्देश्य CAA से जुड़े प्रशासनिक कार्यों में सहयोग करना है। इसके साथ ही नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले लोगों से संबंधित प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में भी इनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। राज्य सरकार ने इन अधिकारियों को फिलहाल दो महीने के लिए संबंधित जिलों के साथ संबद्ध किया है।
नवान्न के P&AR विभाग ने जारी किया निर्देश
इस नियुक्ति को लेकर सोमवार को नवान्न की ओर से आधिकारिक निर्देशिका जारी की गई। यह निर्देश कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार (P&AR) विभाग के IAS सेल की ओर से जारी किया गया है। निर्देशिका में स्पष्ट किया गया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए यह प्रशासनिक फैसला लिया गया है। इसके तहत वर्ष 2025 बैच के कुल 12 IAS प्रशिक्षु अधिकारियों को संबंधित जिलों के साथ जोड़ा जाएगा। इनकी तैनाती निर्देश जारी होने की तारीख से अगले दो महीने तक प्रभावी रहेगी। उत्तर 24 परगना और नदिया जिला प्रशासन के साथ मिलकर ये अधिकारी निर्धारित कार्यों में सहयोग करेंगे। सरकार के इस फैसले को CAA से जुड़ी प्रक्रिया को प्रशासनिक स्तर पर आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ठाकुरनगर में मुख्यमंत्री ने किया था बड़ा ऐलान
गौरतलब है कि इससे पहले ठाकुरनगर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मतुआ गोसाई सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने CAA को लेकर कई अहम घोषणाएं की थीं। सम्मेलन में उन्होंने कहा था कि आगामी 31 दिसंबर तक करीब 2.5 लाख CAA आवेदकों की सुनवाई पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी पात्र आवेदकों को नागरिकता प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। इस घोषणा के बाद से ही CAA से जुड़े कार्यों को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद जताई जा रही थी। अब नवान्न की ओर से 12 IAS प्रशिक्षु अधिकारियों की नियुक्ति का फैसला सामने आया है। ऐसे में उत्तर 24 परगना और नदिया जिलों में CAA से संबंधित कामकाज को गति देने पर विशेष ध्यान रहेगा।
दो महीने तक जिलों में रहेंगे IAS प्रशिक्षु अधिकारी
नवान्न की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, सभी 12 IAS प्रशिक्षु अधिकारियों को दो महीने के लिए संबंधित जिलों के साथ संबद्ध किया गया है। इस दौरान वे जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम करेंगे। दोनों जिलों में अधिकारियों की बराबर संख्या में तैनाती की गई है, ताकि प्रशासनिक स्तर पर काम को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। खास बात यह है कि दोनों जिले मतुआ समुदाय की बड़ी आबादी वाले क्षेत्र हैं और यहां CAA को लेकर काफी संख्या में आवेदन किए गए हैं। मुख्यमंत्री की ओर से तय की गई समयसीमा को देखते हुए इस नियुक्ति को अहम माना जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारियों और कामकाज के विस्तृत ब्योरे को लेकर निर्देशिका में अलग से जानकारी नहीं दी गई है। अब देखना होगा कि अगले दो महीनों में CAA से जुड़े कार्यों में कितनी तेजी आती है।