पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच Amit Shah ने राज्य में अपने दौरे के दौरान ममता सरकार पर जोरदार हमला बोला। दार्जिलिंग से लेकर कुल्टी और अन्य रैलियों में उन्होंने राज्य की विकास नीति, कानून-व्यवस्था और उद्योगों की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
कुल्टी में औद्योगिक गिरावट पर निशाना
कुल्टी विधानसभा क्षेत्र की रैली में अमित शाह ने कहा कि यह इलाका कभी लौह अयस्क और उद्योगों का बड़ा केंद्र था, लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण उद्योग बंद हो रहे हैं और रोजगार के अवसर लगातार घट रहे हैं।
दार्जिलिंग से बड़ा राजनीतिक संदेश
दार्जिलिंग में आयोजित जनसभा में शाह ने Bharatiya Janata Party के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की। उन्होंने गोरखा समुदाय से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार बनने पर उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर किया जाएगा। शाह ने दावा किया कि छह महीने के भीतर गोरखा समुदाय की लंबित समस्याओं पर ठोस कार्रवाई होगी।
“दीदी को हटाने का समय आ गया” बयान से गरमाई सियासत
अपने संबोधन में शाह ने कहा कि अब पूरा बंगाल बदलाव चाहता है और लोग परिवर्तन की दिशा में सोच रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर बंगाल और पहाड़ी क्षेत्रों को लगातार नजरअंदाज किया गया है।
कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर सवाल
शाह ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और संदेशखाली घटना का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं और सरकार इस पर गंभीर नहीं रही।
बजट आवंटन में भेदभाव का आरोप
अमित शाह ने दावा किया कि राज्य सरकार ने विकास योजनाओं में असमानता बरती है—
उत्तर बंगाल, आदिवासी और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए कम बजट
अन्य क्षेत्रों के लिए ज्यादा फंडउन्होंने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार आने पर समान विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
चार बड़ी रैलियां
शाह ने एक ही दिन में चार जनसभाएं कीं—
दार्जिलिंग (कुर्सियोंग)
पश्चिम बर्धमान (कुल्टी)
पश्चिम मेदिनीपुर (सालबोनी)
पूर्व मेदिनीपुर (चांदीपुर)