कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के बाद हिंसा की खबरें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। गरिया के पंचशायर इलाके में गुरुवार को उस वक्त भारी तनाव फैल गया, जब उपद्रवियों के एक बड़े समूह ने बीजेपी एजेंट के दफ्तर और कार्यकर्ताओं के घरों को निशाना बनाया। यह पूरा इलाका जादवपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
बीजेपी एजेंट के ऑफिस पर हमला
शिकायत के अनुसार, लगभग 50 से 60 लोगों की भीड़ ने 153 नंबर बूथ के बीजेपी एजेंट शांतनु सरकार के निर्माण कंपनी (Construction firm) के दफ्तर पर हमला बोल दिया। उपद्रवियों ने दफ्तर में जमकर तोड़फोड़ की और सबूत मिटाने के लिए वहां लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों को भी तोड़ डाला। इतना ही नहीं, एजेंट की गाड़ी को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। शांतनु सरकार की पत्नी ने आरोप लगाया है कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई।
कार्यकर्ता के घर और पड़ोसियों पर भी निशाना
हिंसा की यह आग शांतनु के दफ्तर तक ही सीमित नहीं रही। पास ही रहने वाले बीजेपी कार्यकर्ता प्रशांत घोष के घर पर भी हमला किया गया और वहां लगे सीसीटीवी तोड़ दिए गए। हमले के वक्त प्रशांत घर पर नहीं थे, लेकिन उनके परिवार को धमकाया गया। अपनी पहचान छिपाने के लिए उपद्रवियों ने पास के एक तीसरे घर में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी तोड़ दिया।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
बीजेपी ने इस हमले का सीधा आरोप सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर लगाया है। हालांकि, स्थानीय टीएमसी पार्षद अनन्या बनर्जी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।