अलीपुरद्वार: पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार में जयंती और बक्सा टाइगर रिजर्व क्षेत्र को लेकर वन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। मानसून और वन्यजीवों के प्रजनन काल के दौरान जयंती रूट पर चलने वाली सरकारी बसों में अब केवल जयंती और बक्सा पहाड़ के स्थानीय निवासियों को ही यात्रा की अनुमति होगी। इस नए आदेश के बाद परिवहन विभाग और यात्रियों के बीच कई सवाल खड़े हो गए हैं।
वन विभाग का नया आदेश लागू
वन विभाग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, अलीपुरद्वार से जयंती जाने वाली सरकारी बस में बाहरी यात्रियों को नहीं बैठाया जाएगा। यह व्यवस्था अगले तीन महीनों तक लागू रहेगी, ताकि संरक्षित वन क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही पूरी तरह नियंत्रित रहे।
कंडक्टर पर होगी पहचान की जिम्मेदारी
उत्तर बंग राज्य परिवहन निगम (NBSTC) के अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि स्थानीय और बाहरी यात्रियों की पहचान कैसे की जाए। फिलहाल बस कंडक्टरों को ही यह जिम्मेदारी दी गई है, क्योंकि वे वर्षों से इस रूट पर सेवा देने के कारण अधिकांश स्थानीय लोगों को पहचानते हैं।
पर्यटकों की एंट्री पर पहले से है रोक
मानसून और वन्यजीवों के प्रजनन सीजन को देखते हुए बक्सा टाइगर रिजर्व सहित देश के कई संरक्षित वन क्षेत्रों में पर्यटकों के प्रवेश पर पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है। हालांकि, जयंती और बक्सा पहाड़ के ग्रामीणों के दैनिक आवागमन पर कोई रोक नहीं है।
नए नियम पर उठ रहे सवाल
इस आदेश के बाद कई सवाल सामने आए हैं। केवल चेहरे की पहचान के आधार पर यात्रियों का चयन कितना व्यावहारिक होगा? यदि स्थानीय लोगों के रिश्तेदार यात्रा करना चाहें तो क्या उन्हें अनुमति मिलेगी? इन सवालों पर वन विभाग ने अभी तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किया है।
वन मंत्री ने दिया आश्वासन
वन मंत्री मनोज कुमार ओरांव ने कहा कि अगले तीन महीनों तक जयंती और बक्सा क्षेत्र के स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए वन विभाग मानवीय दृष्टिकोण अपनाएगा और आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करेगा।