कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने सात महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) को केंद्रीय एजेंसियों NHAI और NHIDCL को सौंपने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इससे लंबे समय से अटके सड़क विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
एक साल से लंबित थे प्रस्ताव
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से लगातार अनुरोध किए जाने के बावजूद ये प्रस्ताव लगभग एक साल से लंबित पड़े थे। मंजूरी नहीं मिलने की वजह से इन हाईवे परियोजनाओं पर काम शुरू नहीं हो पा रहा था। अब राज्य सरकार की मंजूरी के बाद केंद्रीय एजेंसियां जल्द निर्माण और अपग्रेड का काम शुरू करेंगी।
कई अहम हाईवे होंगे विकसित
इनमें NH-10, NH-110, NH-312 समेत उत्तर बंगाल, दार्जिलिंग, सिक्किम सीमा, भूटान सीमा और भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े कई महत्वपूर्ण सड़क मार्ग शामिल हैं। इन हाईवे के विकास से पहाड़ी और सीमावर्ती इलाकों में यात्रा और परिवहन पहले से बेहतर होगा।

व्यापार और पर्यटन को मिलेगा फायदा
राज्य सरकार के मुताबिक इन परियोजनाओं के पूरा होने से सिक्किम, भूटान और बांग्लादेश के साथ संपर्क मजबूत होगा। इसके अलावा दार्जिलिंग, डुआर्स और उत्तर बंगाल के पर्यटन क्षेत्रों को भी बेहतर सड़क नेटवर्क मिलेगा। मालदा और मुर्शिदाबाद के रास्ते बिहार-बंगाल कॉरिडोर को भी इसका लाभ मिलेगा।
विकास कार्यों में तेजी लाने पर जोर
मुख्य सचिव द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि राज्य सरकार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन और लंबित मामलों के जल्द निपटारे के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से राज्य की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।