भोपाल। देवास जिले में हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। सरकार ने एसडीएम संजीव सक्सेना, नायब तहसीलदार रवि शर्मा और एसडीओ (पुलिस) दीपा मांडवे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शासन की ओर से निलंबन आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ कहा है कि इस हादसे में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कर्तव्य में लापरवाही पर कार्रवाई
संभागायुक्त द्वारा जारी आदेश के मुताबिक एसडीएम संजीव सक्सेना और टोंकखुर्द तहसील के टप्पा चिडावद के नायब तहसीलदार रवि शर्मा ने अपने दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही और उदासीनता बरती। आदेश में कहा गया है कि दोनों अधिकारियों की कार्यशैली अनुशासनहीनता और कदाचार की श्रेणी में आती है, जिसके चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में दोनों अधिकारियों को देवास कलेक्टर कार्यालय अटैच किया गया है।


एसडीओ पुलिस पर भी गिरी गाज
गृह विभाग द्वारा जारी आदेश में बताया गया कि एसडीओ (पुलिस) दीपा मांडवे ने पटाखा फैक्ट्री के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था का समय-समय पर निरीक्षण नहीं किया। साथ ही उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को जरूरी प्रतिवेदन भी नहीं भेजे। शासन ने इसे कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही माना है। निलंबन के बाद दीपा मांडवे को भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय अटैच किया गया है।

14 मई को हुआ था भीषण विस्फोट
देवास जिले की टोंकखुर्द तहसील स्थित पटाखा फैक्ट्री में 14 मई को जोरदार विस्फोट हुआ था। हादसे में कई लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। विस्फोट इतना भयानक था कि आसपास के इलाके में दहशत फैल गई थी। घटना के बाद प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे थे।
मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया था। इसके साथ ही उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को घटनास्थल पर भेजने और पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश भी दिए थे।
सीएम बोले- किसी दोषी को नहीं मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि हादसे की हर स्तर पर जांच की जा रही है और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही करने वाले किसी भी अधिकारी या व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।