पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद देशभर में ऐप आधारित कामगारों का विरोध तेज हो गया है। गिग और प्लेटफॉर्म सेवा श्रमिक संघ ने शनिवार को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। यूनियन ने दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक ऐप सेवाएं बंद रखने की अपील की है।
20 रुपये प्रति किलोमीटर भुगतान की मांग
यूनियन ने मांग रखी है कि डिलीवरी और ट्रांसपोर्ट से जुड़े कर्मचारियों को न्यूनतम 20 रुपये प्रति किलोमीटर का भुगतान किया जाए। संगठन का कहना है कि ईंधन की कीमत बढ़ने से काम करना मुश्किल हो गया है और मौजूदा भुगतान व्यवस्था पर्याप्त नहीं है।
1.2 करोड़ कामगार प्रभावित
संघ के मुताबिक इस फैसले से देशभर के करीब 1.2 करोड़ गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स प्रभावित होंगे। इसमें Swiggy, Zomato और Blinkit जैसी कंपनियों से जुड़े डिलीवरी कर्मचारी, कैब चालक और लॉजिस्टिक्स कर्मी शामिल हैं।
ईंधन कीमतों से बढ़ा दबाव
यूनियन का कहना है कि 15 मई को पेट्रोल-डीजल में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि से अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। साथ ही एलपीजी और अन्य खर्च पहले से बढ़े हुए हैं, जिससे कामगारों की आय पर असर पड़ रहा है।
यूनियन ने दी चेतावनी
संघ अध्यक्ष सीमा सिंह ने कहा कि अगर भुगतान दर नहीं बढ़ाई गई तो बड़ी संख्या में कामगार इस क्षेत्र को छोड़ सकते हैं। उन्होंने सरकार और डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनियों से जल्द समाधान निकालने की मांग की।
आज सेवाएं हो सकती हैं प्रभावित
यूनियन ने सभी ऐप वर्कर्स से शनिवार दोपहर विरोध में शामिल होने की अपील की है। ऐसे में कई शहरों में फूड डिलीवरी और अन्य ऐप सेवाएं कुछ घंटों के लिए प्रभावित हो सकती हैं।