नई दिल्ली - दुनिया भर में खौफ फैलाने वाले एंडीज हंतावायरस के बारे में वैज्ञानिकों को अब भी बहुत कम जानकारी है. खासकर यह वायरस इंसान के शरीर में कितने समय तक रह सकता है। कितने समय तक दूसरों में फैल सकता है। यह अभी भी एक रहस्य बना हुआ है, MV Hondius क्रूज जहाज पर फैले इस वायरस ने 11 लोगों को बीमार किया और 3 लोगों की जान ले ली। अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इस वायरस की गहराई से जांच कर रहा है।
इंसान से इंसान में फैलने का खतरा
एंडीज हंतावायरस सिर्फ हवा या चूहों से नहीं, बल्कि इंसान के कई तरह के शरीर के तरल पदार्थों से भी फैल सकता है। इसमें लार, मां का दूध और स्पर्म शामिल हैं। क्रूज जहाज पर हुई इस घटना के बाद वैज्ञानिक चिंतित हैं क्योंकि यह वायरस यौन संबंध या निकट संपर्क से भी फैल सकता है। लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि संक्रमण के बाद व्यक्ति कितने समय तक दूसरों को संक्रमित कर सकता है, इसकी सही जानकारी नहीं है।
लार, मां के दूध और स्पर्म से भी फैल सकता है एंडीज हंतावायरस
विश्व स्वास्थ्य संगठन की उभरती बीमारियों और जूनोसिस यूनिट की प्रमुख मारिया वान केरखोवे ने बताया कि एंडीज हंतावायरस पर कई अध्ययन चल रहे हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है नेचुरल हिस्ट्री स्टडी। यह स्टडी वायरस के इंसान के शरीर में जीवन चक्र को समझने की कोशिश करेगी।
हंतावायरस के लिए कोई खास इलाज उपलब्ध नहीं
मारिया वान केरखोवे ने कहा कि यह स्टडी उन लोगों के नियमित सैंपल लेकर करेगी जो क्वारंटाइन में हैं। इससे पता चलेगा कि वे संक्रमित हैं या नहीं। क्या वे दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं या नहीं। यह जानकारी इसलिए बहुत जरूरी है क्योंकि अभी तक हंतावायरस के लिए कोई खास इलाज उपलब्ध नहीं है।