समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान को आपत्तिजनक बयान मामले में अदालत ने दो साल के कारावास की सजा सुनाई है। मामला 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए विवादित बयान से जुड़ा है। इस फैसले के साथ अब तक उनके खिलाफ 16 मामलों में निर्णय हो चुका है, जिनमें 8 में सजा और 8 में राहत मिली है।
2019 चुनावी बयान बना सजा की वजह
यह मामला 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान सामने आया था। रामपुर में प्रचार के दौरान आजम खान ने तत्कालीन जिलाधिकारी पर टिप्पणी की थी। भाषण में उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर विवादित शब्दों का इस्तेमाल किया था, जिसके बाद आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज हुआ।
कोर्ट ने सुनाई 2 साल की सजा
मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रही थी। न्यायालय ने शनिवार को फैसला सुनाते हुए आजम खान को दोषी माना और दो साल के कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष ने वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामला रखा था।
पहले से जेल में बंद हैं आजम
आजम खान पहले से ही अपने बेटे अब्दुल्ला आजम खान के साथ जेल में हैं। दोनों को दो पैन कार्ड मामले में पहले ही सात-सात साल की सजा मिल चुकी है। यह फैसला नवंबर 2025 में सुनाया गया था।
दो साल से ज्यादा जेल में गुजार चुके
जिस मामले में अब दो साल की सजा हुई है, उससे अधिक अवधि आजम खान पहले ही जेल में काट चुके हैं। जन्म प्रमाण पत्र मामले में अक्टूबर 2023 से वे लंबे समय तक जेल में रहे थे। बाद में जमानत मिली, लेकिन दूसरे मामले में दोबारा जेल जाना पड़ा।
लगातार कानूनी मुश्किलें
आजम खान पर दर्ज कई मामलों में सुनवाई जारी है। पिछले कुछ वर्षों में उनके खिलाफ चुनाव, दस्तावेज और प्रशासनिक मामलों से जुड़े मुकदमे चर्चा में रहे हैं। इस नए फैसले ने उनकी कानूनी चुनौतियां और बढ़ा दी हैं।