नवान्न/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के करीब ढाई महीने बाद नई सरकार ने राज्य के सुस्त पड़े औद्योगिक परिदृश्य को पुनर्जीवित करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। नवान्न में उद्योग मंत्री तापस रॉय की अध्यक्षता में गठित 'उद्योग एवं निवेश संबंधी मंत्री समूह' की एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता, उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल, श्रम मंत्री अर्जुन सिंह सहित वित्त, सूक्ष्म उद्योग और भूमि सुधार विभाग के आला सचिव मौजूद रहे।
बैठक के तुरंत बाद और सिंगूर से महज 10 किलोमीटर दूर डैंकुनी में 'लक्स कोजी' (Lux Cozi) के नए उत्पादन ईकाई के शिलान्यास समारोह के दौरान उद्योग मंत्री तापस रॉय ने पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार की नीतियों पर जमकर भड़ास निकाली और राज्य के लिए एक नए औद्योगिक रोडमैप की घोषणा की।
टाटा-बिड़ला की वापसी के लिए पैर पकड़ने को भी तैयार: उद्योग मंत्री
अतीत में राजनीतिक अशांति और प्रशासनिक उदासीनता के कारण बंगाल छोड़ने वाले औद्योगिक घरानों का जिक्र करते हुए तापस रॉय ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, "टाटा (TATA), आदित्य बिड़ला ग्रुप (Aditya Birla Group) समेत 6,688 छोटे-बड़े उद्योग राज्य छोड़कर चले गए थे। बंगाल के भविष्य और युवाओं के लिए अगर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी मुझे निर्देश देंगे, तो मैं उन सभी उद्योगपतियों के दरवाजे पर जाऊंगा। जरूरत पड़ी तो उनके हाथ-पैर जोड़कर, उनसे अनुरोध करके उन्हें दोबारा बंगाल वापस लेकर आऊंगा।"
नई भूमि नीति (Land Policy) तैयार, SEZ पर सकारात्मक रुख
उद्योगपतियों को आश्वस्त करते हुए मंत्री ने बताया कि राज्य की बहुप्रतीक्षित नई 'लैंड पॉलिसी' का ड्राफ्ट (खसड़ा) पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताओं के बाद जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही सरकार स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) को लेकर भी सकारात्मक रुख अपना रही है। राज्य में कहां-कहां बंजर या अप्रयुक्त जमीन पड़ी है, उसकी पहचान के लिए 'लैंड सर्च' का काम शुरू हो चुका है।
डैंकुनी में 600 करोड़ का निवेश, 9,000 युवाओं को रोजगार
उद्योग मंत्री ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के गतिशील नेतृत्व की सराहना करते हुए डैंकुनी में 'लक्स कोजी' के 20 लाख वर्ग फुट में फैलने वाले नए प्लांट का शिलान्यास किया।
- कुल निवेश: ₹600 करोड़
- उत्पादन क्षमता: 20 करोड़ पीस से बढ़कर 35 करोड़ पीस सालाना होगी।
- राजस्व: राज्य सरकार को हर साल लगभग ₹1,000 करोड़ का राजस्व मिलेगा।
- रोजगार: इस मेगा प्रोजेक्ट से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 9,000 युवाओं को रोजगार मिलेगा।
इस अत्याधुनिक ग्रीन प्रोजेक्ट में बिजली की जरूरतों के लिए 2 मेगावाट (2 MW) का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया जा रहा है। साथ ही परिसर में 50 गायों की क्षमता वाली एक आधुनिक गौशाला भी बनाई गई है, जिसका निरीक्षण स्वयं मुख्यमंत्री कर चुके हैं। उद्योग मंत्री ने यह भी खुलासा किया कि आगामी दुर्गा पूजा से पहले राज्य में ऐसे 5 और बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स की शुरुआत होने जा रही है।
'गुंडा दमन बिल' से निवेशकों को मिलेगा सुरक्षित माहौल
राज्य में निवेश के लिए सुरक्षित माहौल को जरूरी बताते हुए तापस रॉय ने कहा कि विधानसभा में हाल ही में पारित हुआ कड़ा 'गुंडा दमन बिल' सोमवार से राज्य में प्रभावी हो गया है। अपराधियों और जबरन वसूली करने वालों के खिलाफ इस सख्त कानून के लागू होने से उद्योगपति अब बिना किसी डर के बंगाल में निवेश कर सकेंगे। उन्होंने संकल्प दोहराया कि बंगाल के मेधावी युवाओं को 'ब्रेन ड्रेन' और परिजाती श्रमिक बनने से रोकने के लिए सरकार हर हाल में राज्य में ही रोजगार सुनिश्चित करेगी।