कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सरकारी स्कूलों के आधुनिकीकरण को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाने की बात कही है। स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने बताया कि राज्य के करीब 80 हजार स्कूलों को कंपोजिट ग्रांट दिया गया है। इसके लिए 296.64 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है।
स्मार्ट बोर्ड से लेकर इंटरनेट तक की सुविधा
दीपक बर्मन ने कहा कि स्कूलों को आधुनिक बनाने के लिए स्मार्ट बोर्ड समेत कई डिजिटल सुविधाएं चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही राज्य के प्रत्येक माध्यमिक विद्यालय को इंटरनेट से जोड़ने की योजना पर भी काम किया जाएगा।
500 स्कूलों में मिड-डे मील, ढाई लाख छात्रों तक पहुंचाने का लक्ष्य
कोलकाता के करीब 500 सरकारी और निजी स्कूलों में मिड-डे मील की व्यवस्था का भी जिक्र किया गया। वर्तमान में करीब 44 हजार छात्र-छात्राओं को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस संख्या को बढ़ाकर ढाई लाख करने का लक्ष्य रखा गया है।
बदला हुआ पाठ्यक्रम और किताबें
मंत्री ने बताया कि परिमार्जित संस्करण की किताबें विद्यार्थियों तक पहुंचाई जाएंगी। साथ ही स्कूलों के सिलेबस को पब्लिक डोमेन में उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक इसे आसानी से देख सकें।
NEP 2020 के तहत फाउंडेशनल लर्निंग पर जोर
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत फाउंडेशनल लर्निंग, क्रिएटिविटी और वोकेशनल एजुकेशन समेत कई क्षेत्रों में काम शुरू किया गया है। राज्य के कई स्कूलों में इन क्षेत्रों को लेकर पहले ही कदम उठाए जा चुके हैं।
छात्रों को समझें शिक्षक, सम्मान का बने रिश्ता
दीपक बर्मन ने शिक्षकों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को हमेशा यह ध्यान रखना चाहिए कि उनके व्यवहार से किसी छात्र-छात्रा के साथ अन्याय तो नहीं हो रहा है। शिक्षकों को विद्यार्थियों की मानसिकता और उनकी जरूरतों को समझना होगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों का व्यवहार ऐसा होना चाहिए कि छात्र-छात्राएं उनका सम्मान करें। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं रखा गया है और मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार काम किया जा रहा है।