इंदौर लोकसभा चुनाव क्षेत्र एकाएक चर्चा का केंद्र बिंदु बन गया है। कांग्रेस के उम्मीदवार अक्षय कांति बम के भाजपा में शामिल होने और अपना नाम वापस लेने के बाद भाजपा में ही अंदरूनी विरोध होने लगा है। खरगोन दौरे पर आए प्रधानमंत्री ने इंदौर के नेताओं से पूछ ही लिया की क्या इंदौर में इस बार मतदान कम होगा? भाजपा का उम्मीदवार कितने मतों से विजयी होगा? भाजपा के उम्मीदवार के विजयी होने के आंकड़े बूथ महामंत्री ने 11 लाख तक बताए हैं।
कांग्रेस के साथ लोकतंत्र बचाओ समिति ने भी नोटा के प्रयोग का आग्रह मतदाताओं से करना आरम्भ कर दिया है। इंदौर को स्वच्छता में सात बार नंबर वन होने के बाद नोटा में नंबर वन बनाए जाने की बात कही जा रही है। इंदौर में कांग्रेस के नोटा के पक्ष में मतदान की अपील के साथ थीम सांग भी बना दिया है। कांग्रेस के नेताओं ने यह कहना भी शुरू कर दिया है कि इंदौर से कांग्रेस का उम्मीदवार चोरी हो गया है।
2013 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से नोटा का विकल्प 2014 के लोकसभा चुनाव में सम्मिलित हुआ था।
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