जबलपुर. इन दिनों हर भक्त की इच्छा है कि वह अयोध्या जाकर भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा का साक्षी बने. इन भक्तों में कई महिलाएं भी शामिल हैं. ऐसे ही भक्तों में शुमार हैं देश की वॉटर वुमन शिप्रा पाठक. वे भगवान श्रीराम का संदेश जन-जन तक फैलाने के लिए पदयात्रा पर निकली हैं. शिप्रा अयोध्या से रामेश्वरम तक करीब 4 हजार किलोमीटर की पदयात्रा करेंगी और घर-घर प्रभू का संदेश देंगी. वॉटर वुमन के नाम से प्रसिद्ध शिप्रा मां नर्मदा के साथ-साथ कई नदियों की परिक्रमा कर चुकी हैं.
श्रीराम केवल अयोध्या नहीं, पूरे ब्रह्मांड के- शिप्रा
जबलपुर में शिप्रा ने कहा कि भगवान श्री राम केवल अयोध्या तक ही सीमित नहीं है, वे संपूर्ण ब्रह्मांड के हैं. श्री राम ऐसे व्यक्तित्व हैं जिन्होंने अपने जीवन से संसार के हर सुख और दुख को परिभाषित किया है. इसलिए भगवान पुरुषोत्तम श्री राम कहलाते हैं. उन्हीं के संदेश को मैं अपनी इस पदयात्रा में जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हूं. शिप्रा बताती हैं कि अपनी इस पदयात्रा में वह उन स्थानों पर जा रही हैं जिन स्थानों से भगवान राम निकले थे. अयोध्या से शुरू हुई उनकी वन यात्रा रामेश्वरम तक चली थी. इसलिए इस पथ को रामवन पथ गमन कहते हैं. उनका कहना है कि आज इंसान प्रकृति से दूर हो गया है. इसलिए अपनी इस पदयात्रा के दौरान वह जंगल और नदियों के संरक्षण का संदेश भी दे रही हैं.
अकेली की थी मां नर्मदा की परिक्रमा
देश की वॉटर वुमन ने कहा कि मैं प्रकृति के लिए जितना कर सकूं उतना कम है. बता दें, शिप्रा की ये पहली पदयात्रा नहीं है. इसके पहले भी शिप्रा ने मां नर्मदा की करीब 13 सौ किलोमीटर की परिक्रमा अकेली ही की थी. उसके बाद से शिप्रा अब तक कई नदियों की परिक्रमा कर चुकी हैं. इसलिए उन्हें वॉटर वुमन वूमेन भी कहा जाता है.
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