मध्य प्रदेश में सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) वाली मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा जल्द पटरी पर उतरेगी। इसके लिए एक राज्य स्तरीय लोक परिवहन कंपनी बनेगी, जिसका मुख्यालय भोपाल होगा। इसके अलावा 7 संभागीय कंपनियां भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर और रीवा संबंधित संभागों से संबंधित जिलों में बसें चलवाएंगी। नर्मदापुरम, शहडोल और चंबल को इन्हीं कपंनियों में शामिल किया जाएगा।
परिवहन विभाग के इस प्रस्ताव पर आज होने वाली कैबिनेट बैठक में मंत्रियों के बीच अहम चर्चा हो सकती है। मंजूरी के बाद अगले 1 साल में 500 नए रूटों पर लोक परिवहन सेवा शुरू करने का लक्ष्य है। बसों की जरूरत, रूट की पहचान के लिए सर्वे शुरू हो चुका। पहले से बस चला रहे ऑपरेटर्स की मदद लेकर यात्रियों को बेहतर माहौल देने की तैयारी है।
परिवहन निगम की संपत्ति की जाएगी मर्ज
लोक परिवहन के लिए बनाई जाने वाली कंपनियों को सरकार पर निर्भर न रहना पड़े, इसके लिए राज्य परिवहन निगम की जिलों की अचल संपत्तियों को नई कंपनियों के साथ मर्ज किया जा सकता है।
सिटी बस कंपनियों को मर्ज करने का प्रस्ताव
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में सिटी बसों का संचालन करने वाली कंपनियों को लोक परिवहन सेवा वाली कंपनियों से मर्ज किया जा सकता है। बैठक में यह प्रस्ताव आया था, जिस पर विचार करने के निर्देश दिए है।
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