मध्य प्रदेश में इस वक्त खुशी की लहर है। बता दें कि एमपी की बेटी शुचि उपाध्याय का भारतीय महिला क्रिकेट टीम में चयन हो गया है। BCCI ने सोशल मीडिया पर खबर की जानकारी दी। फर्स्ट मैच में शुचि श्रीलंका के खिलाफ अपना दमखम दिखाती नजर आएंगी। सुची उपाध्याय के सिलेक्शन के बाद से उनके कोच समेत परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है।
ऑलराउंडर के तौर पर टीम में सलेक्ट हुई
शुचि की इस बड़ी उपलब्धि पर आज हर कोई गर्व कर रहा है। ऑलराउंडर के तौर पर टीम में सलेक्ट हुई शुचि आने वाले दिनों में गेंद और बल्ले से कमाल करेंगी। वहीं शुचि के यहां तक के सफर की बात करें तो वे मध्यप्रदेश के मंडला जिले मे स्थित उदय चौक इलाके की निवासी है। 19 साल की शुचि के पिता सुधीर उपाध्याय पेशे से वकील है जबकि उनकी मां सीमा उपध्याय शिक्षक है। दो बहनों में छोटी शुचि ने अपनी प्राथमिक शिक्षा मंडला से हासिल की उनके परिवार के अन्य सदस्य रीवा रहते है। क्रिकेट के प्रति शुचि का बेहद लगाव था जिसके चलते वह अपने रिश्तेदारों के घर रीवा आ गई।
शुचि के कोच की अहम भूमिका
शुचि अपनी इस सफलता का श्रेय परिवार समेत अपने कोच इंद्रदेव उर्फ़ स्वामी को देती हैं। वो बताती हैं कि टीम में सिलेक्शन पर उनके कोच की मुख्य भूमिका रही है। दरअसल, कोच इंद्रदेव उर्फ़ स्वामी , रीवा के बोदाबाग निवासी है जहां उन्होंने अपने घर ही आंगन मे एक टर्फ़ विकेट में प्रेक्टिस करके सुचि उपाध्याय को इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल कराई है। बता दें की शुचि के कोच इंद्रदेव उर्फ़ स्वामी खुद भी एक अच्छे क्रिकेटर हैं। 23 साल की उम्र मे जब इंद्रदेव उर्फ़ स्वामी का सपना चूर हो गया तब उन्होने हार न मानते हुए घर के छोटे से आंगन को ट्रेनिंग सैंटर में बदल दिया जहां वे होनहार बच्चियों को ट्रेनिंग देते हैं।
श्रीलंका के खिलाफ होगा मैच
कोच ने आगे बताया कि शुचि का भारतीय महिला क्रिकेट टीम मे चयन होने के बाद जल्द ही उनका सामना श्रीलंका महिला क्रिकेट टीम के साथ होगा जहां पर वह क्रिकेट के मैदान में श्रीलंकाई महिला बल्लेबाजों के विकेट्स गिराते हुए दिखाई देंगी। बताया गया की शुचि उपाध्याय श्रीलंका टीम के महान लेफ्ट हैण्ड बॉलर रंगना हैराथ को अपना आदर्श मनती है। और शायद यह संयोग भी होगा वह अपना पहला मैच श्रीलंका महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ियों के साथ खेलेंगी।
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