रायपुर के बीरगांव क्षेत्र में बाल श्रम के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा को 21 अप्रैल को ईंट भट्ठे में बच्चों से काम कराए जाने की सूचना मिली, जिसके बाद उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
संयुक्त टीम का गठन कर बनाई गई रणनीति
सूचना मिलते ही एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। पहले मौके का निरीक्षण किया गया और स्थिति की पुष्टि के बाद आज सुबह लगभग 6 बजे टीम को दोबारा मौके पर भेजकर सुनियोजित तरीके से छापेमारी की गई।
छापेमारी में 3 नाबालिग बच्चियां मिलीं काम करते हुए
कार्रवाई के दौरान ईंट भट्ठे पर तीन नाबालिग बच्चियां काम करते हुए पाई गईं। सभी की आयु 14 वर्ष से कम पाई गई, जो बाल श्रम कानून का स्पष्ट उल्लंघन है।
बच्चों का सुरक्षित रेस्क्यू, पुनर्वास प्रक्रिया शुरू
टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों बच्चियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। फिलहाल उनके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसमें उन्हें सुरक्षित वातावरण, शिक्षा और बेहतर जीवन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश
इस मामले में बाल श्रम निषेध अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही है।
कई विभागों की टीम रही शामिल
इस कार्रवाई में जिला बाल संरक्षण इकाई की माधुरी शर्मा, श्रम निरीक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता, राज्य समन्वयक, एसोसिएशन फॉर वॉलंटियरी एक्शन और चाइल्डलाइन टीम के सदस्य शामिल रहे।
आगे भी जारी रहेगी बाल श्रम के खिलाफ कार्रवाई
अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने स्पष्ट किया है कि बाल श्रम के खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी सतत जारी रहेगी और दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।