मध्य प्रदेश में हिट एंड रन कानून के विरोध में चल रही हड़ताल का असर अब सब्जियों पर भी देखने को मिल रहा है। प्रदेश में अब सब्जियों के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। इतना ही नहीं सब्जियों की शॉर्टेज भी शुरू हो गई है। व्यापारी हड़ताल के कारण काफी परेशान हैं। वहीं मजदूरों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। खेत से सब्जियां मंडी तक पहुंचाने के लिए उपयोग में आने वाले कमर्शियल गाड़ियों के चालक की हड़ताल होने से मंडियों पर भी काफी असर पड़ा है।
सब्जियों की शॉर्टेज से परेशान व्यापारी
दरअसल सब्जी व्यापारी उत्सव सोलंकी के मुताबिक मंडियों तक केवल लोकल सब्जियां आ सकी हैं। व्यापारी सब्जियों की शॉर्टेज से परेशान हैं। सोलंकी ने बताया कि जो किसान अपने खेतों से निजी वाहन के जरिए सब्जी को मंडी तक पहुंच सके, उनकी सब्जी ही बाजार में दिखाई दे रही हैं, जबकि दूसरे शहरों से आने वाली सब्जियां मंडी में नहीं पहुंच पाई है, जिसकी वजह से सब्जियों के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं।दो गुना बढ़ गए सब्जियों के दाम
वहीं सब्जी व्यापारी राधेश्याम का मुताबिक मिर्ची 80 रुपये किलो तक पहुंच गई है। इसके अलावा गिलकी 30 रुपये किलो तक बिक रही है। इसी के साथ लौकी 20 रुपये किलो, अदरक 90 रुपये किलो, टमाटर 50 से 60 रुपये किलो बिक रहे हैं। इन सब्जियों के दाम हड़ताल होने से पहले आधे थे मतलब साफ है कि सब्जियों के भाव दो गुना बढ़ गए हैं।मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट
मध्य प्रदेश के सभी शहरों में सब्जी मंडियों से कई घरों का चूल्हा जलता है। सब्जी मंडियों से मजदूर, हम्माल, रिक्शा चालक, सब्जी व्यापारी, सब्जियों को ठेले पर बेचने वाले छोटे व्यापारी भी अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं। इस हड़ताल की वजह से सब्जियों के व्यापार से जुड़े परिवारों में काफी दिक्कत आ रही है। जिसका खामियाजा मजदूरों को भी उठाना पड़ रहा है। श्रमिक बंसीलाल ने बताया कि कल भी काम नहीं मिल पाया था और आज भी उम्मीद कम है। ऐसा लग रहा है कि हड़ताल जारी रहने तक रोजी-रोटी कमाना मुश्किल है।Read More: ट्रक ड्राइवर्स के समर्थन में उतरे Rahul Gandhi, केंद्र सरकार पर साधा निशाना
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