रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में जंबूरी आयोजन में अनियमितता और विधायक रिकेश सेन को जान से मारने की धमकी के मुद्दे पर बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए सदन में नारेबाजी की और वॉकआउट कर दिया।
कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने जंबूरी आयोजन में अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि जंबूरी आयोजन के लिए निविदा कितनी बार निकाली गई, कब-कब जारी हुई और काम शुरू होने से पहले क्या सभी प्रक्रियाएं पूरी की गई थीं।
इस पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने जवाब देते हुए कहा कि पहला टेंडर तकनीकी कारणों से निरस्त हुआ था। इसके बाद नियमों में आवश्यक बदलाव कर 23 दिसंबर को दोबारा निविदा जारी की गई। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का भ्रष्टाचार नहीं हुआ है और नियमों में बदलाव नेशनल स्काउट गाइड परिषद की अनुमति से किए गए हैं।
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी और वॉकआउट कर दिया, जिससे सदन का माहौल गरमा गया।
इसी दौरान शून्यकाल में विधायक रिकेश सेन को जान से मारने की धमकी का मामला भी सदन में गूंजा। उमेश पटेल ने सरकार से विधायक की सुरक्षा और पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि विधायक पूरी तरह सुरक्षित हैं।
विपक्ष ने इस स्पष्टीकरण से असंतोष जताते हुए नारेबाजी की। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि उन्होंने विधायक से बात की है और जब तक स्पष्ट जवाब नहीं मिलता, तब तक विपक्ष कार्यवाही में भाग नहीं लेगा। इसके बाद आसंदी ने संसदीय कार्य मंत्री को मामले की जांच के निर्देश दिए। केदार कश्यप ने कहा कि वे दुर्ग के एसपी और कलेक्टर से बात कर पूरे मामले की जानकारी लेंगे।
सदन में उस समय भी तीखी नोकझोंक देखने को मिली जब भूपेश बघेल ने ट्रेजरी बेंच खाली होने पर तंज कसा। इस पर अजय चंद्राकर ने पलटवार करते हुए कहा कि भूपेश बघेल ने चरणदास महंत का अस्तित्व खत्म कर दिया और नेता प्रतिपक्ष को हाईजैक कर लिया। इस पर बघेल ने भी जवाब देते हुए कहा कि अजय चंद्राकर ने तो पूरे सदन को ही हाईजैक कर लिया है।
प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्वामी आत्मानंद स्कूल का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि प्रदेश में कितने अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हैं, नर्सरी कक्षाओं की स्वीकृति कब दी गई और प्री-प्राइमरी कक्षाएं कितनी जगह संचालित हो रही हैं। साथ ही कई जिलों में शिक्षकों को हटाए जाने की शिकायतों का भी जिक्र किया।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जवाब में बताया कि अभी किसी भी जिले में शिक्षकों को नहीं हटाया गया है। प्रदेश के 14 जिलों के 54 विद्यालयों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं संचालित हो रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत प्रदेश में 11 हजार बालवाड़ी खोले जाने की योजना है।